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कोयला मंत्रालय द्वारा सीसीएल मुख्यालय में राजभाषा हिंदी कार्यान्वयन की समीक्षा

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कोयला मंत्रालय भारत सरकार के उच्चस्तरीय निरीक्षण दल द्वारा 13 मई को झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन एवं प्रगामी प्रयोग की व्यापक समीक्षा की गई। यह निरीक्षण आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी, कोयला मंत्रालय डॉ माणिक चंद्र पंडित की अध्यक्षता में किया गया।

सीसीएल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार निरीक्षण दल में मंत्रालय के सहायक निदेशक (राजभाषा) विशाल तथा वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी) दिलीप कुमार सिंह भी शामिल थे। दल ने सीसीएल मुख्यालय के विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग, राजभाषा नीति के अनुपालन तथा हिंदी के प्रोत्साहन हेतु किए जा रहे प्रयासों का गहन अवलोकन किया।

इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में प्रशासनिक, तकनीकी तथा डिजिटल कार्यों में हिंदी के बढ़ते उपयोग, राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जनसंपर्क माध्यमों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी साझा की गई।

कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने सीसीएल द्वारा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने हिंदी के प्रयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सीसीएल प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ तकनीकी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदी को प्राथमिकता दे रही है।

बैठक के दौरान हिंदी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने की कार्ययोजना, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार तथा आगामी संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। निरीक्षण दल ने सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ रजरप्पा, बीएंडके, कथारा तथा ढोरी क्षेत्रों में राजभाषा कार्यों की समीक्षा की।

इस अवसर पर आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी, कोयला मंत्रालय डॉ माणिक चंद्र पंडित ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हिंदी के प्रयोग को और अधिक सरल, व्यवहारिक एवं जन सुलभ बनाने के लिए निरंतर नवाचार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रभावी क्रियान्वयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क को सशक्त बनाने का माध्यम है।
मौके पर कंपनी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में राजभाषा प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के क्षेत्र में सीसीएल ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

निर्धारित 18 कार्यशालाओं के लक्ष्य से अधिक 19 कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जो 105 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण दल ने सीसी एवं पीआर विभाग द्वारा राजभाषा हिंदी में प्रकाशित मासिक पत्रिका अपनी बात एवं वार्षिक पत्रिका उत्कर्ष की प्रशंसा की। कहा गया कि इस वर्ष कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी में किए गए पोस्ट्स की संख्या अंग्रेजी पोस्ट्स की तुलना में 77.45 प्रतिशत अधिक रही, जो हिंदी के बढ़ते प्रयोग और जनसंपर्क में कंपनी की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

आर्थिक सलाहकार एवं राजभाषा प्रभारी, कोयला मंत्रालय डॉ पंडित ने सीसीएल के प्रयासों को प्रेरणादायी बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन एवं संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट मानक स्थापित करती रहेगी।

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