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समर्पण दिवस के रूप में डीएवी के संस्थापक महात्मा हंसराज की मनायी गई जयंती

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। समाज में शिक्षा का अलख जगाने, स्त्री शिक्षा पर विशेष ध्यान देकर समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने के उद्देश्य से स्थापित डीएवी शिक्षण-संस्थान की नींव रखने वाले एवं आजीवन अवैतनिक सेवा करने वाले महान शिक्षाविद्, समाजसेवी आर्य समाज के सक्रिय कार्यकर्ता एवं प्रखर प्रतिभा के धनी महात्मा हंसराज की 162वीं जयंती 18 अप्रैल को मनायी गयी।

इस पावन अवसर पर बोकारो जिला के हद में तेनुघाट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल परिसर में महात्मा हंसराज जयंती समारोह का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा महात्मा हंसराज को समर्पित थी।

प्रातः प्रार्थना सभा में डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने महात्मा हंसराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। तदनंतर शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा भी महात्माजी को नमन करते हुए पुष्प अर्पित किया गया। समारोह को नन्हें-मुन्हे बच्चे महात्मा की वेशभूषा में उपस्थित होकर उनकी छवि को जीवंत कर दिया। इसके पश्चात रुद्र गुप्ता (कक्षा आठवीं) एवं साबिक जुनैद (कक्षा छठी) के छात्रों ने अंग्रेजी एवं हिन्दी भाषा में महात्मा हंसराज के बारे में अपने विचार व्यक्त किए।

प्राचार्या ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा हंसराज का जीवन त्याग, शिक्षा एवं समाज सेवा के लिए समर्पित रहा। वे डीएवी संस्था के पुरोधा के रुप में अपने अप्रतिम योगदान के लिए हमेशा याद किए जाएँगे एवं उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। आज का यह समारोह विद्यालय के सीसीए प्रमुख लक्ष्मी गुप्ता एवं असगर अली के सुझाव, योगेन्द्र प्रताप के कुशल निर्देशन तथा जयंत कुमार के सहयोग से सम्पन्न हो गया।

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