एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। बिहार के समस्तीपुर में निजी स्कूलों द्वारा विद्यालय व् अध्ययन सामग्री यथा किताब, कॉपी, टाई, बेल्ट, डायरी, आईकार्ड और ड्रेस में कमीशनखोरी तथा एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क आदि तरह-तरह के शुल्क के नाम पर अभिभावकों के शोषण के खिलाफ नागरिक समाज ने 15 अप्रैल को जिला मुख्यालय में प्रतिरोध मार्च निकाला।
प्रतिरोध मार्च समस्तीपुर शहर के विभिन्न मार्गों से मांगों से संबंधित नारे लगाकर गुजरते हुए समाहरणालय पर पहुंचा, जहां संयोजक सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह की अध्यक्षता एवं सह संयोजक सह भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के संचालन में सभा आयोजित की गई।
आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निजी विद्यालय मनमाने तरीके से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताब, कॉपी और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। कहा गया कि निजी विद्यालयों द्वारा हर साल किताब बदल दिया जाता है। इसके अलावा हर साल अलग-अलग नामों से शुल्क वसूला जा रहा है, जिसका कोई पारदर्शी हिसाब नहीं दिया जाता। अधिकांश स्कूलों द्वारा स्कूल में ही पठन सामग्री उच्च कीमत पर बेचा जाता है।
वक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की कि निजी स्कूलों की शुल्क संरचना एवं मूलभूत सुविधा की जांच कराई जाए और किताब, ड्रेस एवं अन्य सामग्रियों में कमीशनखोरी पर रोक लगाई जाए। साथ ही एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर हो रही अवैध वसूली को तत्काल बंद कराया जाए।
प्रतिरोध मार्च में शामिल जनों ने चेतावनी दी कि यदि अभिभावकों के शोषण पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा के अंत में प्रशासन को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। मौके पर आइसा के सुनील कुमार, लोकेश राज, दीपक यदुवंशी, आरवाईए के रौशन कुमार, राजद के राम विनोद पासवान, प्रो. प्रेमलाल राम, अमित जायसवाल, राकेश ठाकुर, दीनबंधु प्रसाद, आर. के. दूबे, मनोज शर्मा, मनोज कुमार सिंह, पूर्व पार्षद अर्जुन राय, सुशील राय, मो. सगीर, रेल ट्रेड यूनियन नेता संतोष कुमार निराला, विश्वनाथ गुप्ता, कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी, अधिवक्ता संजय कुमार बबलू आदि उपस्थित थे।
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