गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बीते 14 अप्रैल को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री सह हाजीपुर सांसद चिराग पासवान ने जिला के हद में राजापाकर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वहां प्रस्तावित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की स्थापना की प्रगति का जायजा लेना था।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि यह संस्थान बिहार के किसानों और युवाओं के लिए गेम चेंजर साबित होगा। प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि निफ्टेम न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सुदृढ़ करेगा। यह संस्थान नवाचार उद्यमिता को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान की स्थापना संबंधी तैयारियों को गति दी जाए, ताकि जल्द से जल्द इसका लाभ राज्य को मिल सके।
केंद्रीय मंत्री पासवान के इस दौरे के दौरान बिहार सरकार के उद्योग सचिव सह बियाडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार के साथ सरकार के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को भूमि अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। कुंदन कुमार ने बताया कि अधिग्रहण का कार्य बहुत जल्द पूरा होने की संभावना है, जिसके तुरंत बाद समयबद्ध तरीके से भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

प्रशासन और मंत्रालय के बीच इस समन्वय से योजना के समय पर पूरा होने की उम्मीद जगी है। निरीक्षण के दौरान भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव देवेश देवल और निफ्टेम के निदेशक एच. एस. ओबेरॉय भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने संस्थान के तकनीकी पहलुओं और इसके माध्यम से होने वाले कौशल विकास पर चर्चा की।
वैशाली में निफ्टेम की स्थापना से स्थानीय फलों और सब्जियों के प्रसंस्करण को नई तकनीक मिलेगी। इससे न केवल सामग्री की बर्बादी कम होगी, बल्कि किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य भी मिलेगा। यह संस्थान बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और युवा खाद्य तकनीक के क्षेत्र में कुशल बनेंगे।
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