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मनोहरपुर से बड़ाजामदा की सड़कों का जीर्णोद्धार कर की जा रही चकाचक

सड़क रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभाती हैं-राजू सांडिल

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। सड़कें किसी भी राष्ट्र की जीवनरेखा हैं, जो आर्थिक विकास, सामाजिक जुड़ाव और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी के लिए अनिवार्य हैं। सड़के माल परिवहन, घर-घर सेवा, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभाती हैं। पहाड़ियों से लेकर गांवों तक सड़कों का निर्माण अन्य परिवहन साधनों (जैसे रेल) की तुलना में सस्ता और लचीला होता है।

पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गांगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने 12 अप्रैल को उक्त तथ्यों को बताते हुए कहा कि मनोहरपुर से बड़ाजामदा की सड़कों को जीर्णोद्धार के तहत चकाचक की जा रही है। कहा कि 58.6 किलोमीटर की सड़क क्षेत्र के रहिवासियों के आवागमन को पूरी तरह से दुरुस्त करेगी। उन्होंने कहा कि सड़कों को नई रूप रेखा के तहत सुविधाजनक एवं आवागमन के लिए दुरुस्त किया जा रहा है।

मुखिया ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 5 वर्षों में 57,125 किमी से अधिक का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क बिछाया है। फोकस अब 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बाद ही परियोजनाओं को शुरू करने पर है, ताकि देरी न हो। कहा कि वित्तीय वर्ष 2028-29 तक 18,000 किमी एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया है कि अब 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण और सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी, ताकि निर्माण में देरी न हो।इसके तहत मनोहरपुर से
बड़ाजामदा तक की सड़क पूरी तरह से दुरुस्त कर चकाचक हो चुकी है।

सड़क निर्माण की निगरानी कर रहे अभियंता प्रणव ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य आपातकाल (एम्बुलेंस), दमकल और आपदा प्रबंधन में मनोहरपुर से बड़ाजामदा सड़कें त्वरित सहायता पहुँचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उक्त सड़के सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क के तहत भी क्षेत्र के रहिवासियों को एक-दूसरे से मिलने और संस्कृति के आदान-प्रदान में मददगार साबित होगी।

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