एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। विश्व हिंदी शोध संवर्धन अकादमी एवं लोकभाषा अनुसंधान केंद्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश) द्वारा डॉ भावना को उनकी सुदीर्घ साहित्य -साधना एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान हेतु ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार सम्मान से अलंकृत किया गया।
जानकारी देते हुए 22 फरवरी को मुजफ्फरपुर की युवा कवियित्री सविता राज ने बताया कि डॉ भावना को यह सामान विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी के संस्थापक निदेशक डाॅ मधुकर मिश्र, संरक्षक केशव जालान तथा सुप्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ कौशिक द्वारा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दिया गया। इस अवसर पर मंच पर सुप्रसिद्ध गीतकार डाॅ बुद्धिनाथ मिश्र, डाॅ संजय पंकज, रणजीत पटेल के अलावा सभागार में देश विदेश के सैकड़ो विद्वान उपस्थित थे।
बताया कि सम्मान समारोह के बाद डाॅ बुद्धि नाथ मिश्र ने डाॅ भावना को बधाई देते हुए उनके सतत सर्जना के लिए आशीर्वाद दिया। डाॅ भावना ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए विशेष है, क्योंकि यह सम्मान हिंदी ग़ज़ल के प्रणेता गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम से जुड़ा है। कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी और तुलसीदास की भूमि पर मिला यह सम्मान मुझे जिम्मेदारी पूर्ण सृजन के लिए प्रेरित करेगा। डाॅ भावना को सम्मान मिलने पर डाॅ अरुण तिवारी, डाॅ प्रसन्न वदन चतुर्वेदी, धर्मेंद्र गुप्त साहिल आदि गज़लकारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए साधुवाद दी है।
![]()













Leave a Reply