एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। मकस कहानिका पत्रिका के झारखंड अध्याय द्वारा बीते 16 फरवरी की देर संध्या आभासी अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन विभा तिवारी एवं सुधीर श्रीवास्तव की वैवाहिक वर्षगांठ, नावेद रज़ा दुर्गवी के पुत्र के जन्मदिन तथा महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्सव, शुभकामनाओं और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी कवियों ने जहाँ विभा तिवारी, सुधीर श्रीवास्तव को विवाह वर्षगांठ एवम् नावेद रजा के पुत्र के प्रथम जन्मदिवस पर शुभकामनाएं व् आशीष दिए, वहीं महाशिवरात्रि के पर्व पर जमकर भक्ति की गंगा भी बही।
आभासी कवि सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुबई से जे. के. मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के सुधीर श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अध्यक्षता एवं संयोजन पत्रिका के प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती द्वारा किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रतिभा प्रकाश ने प्रभावी शैली में किया। शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया, जिसे झारखंड की राजधानी रांची की खुशबू बरनवाल ने प्रस्तुत कर वातावरण को ज्ञानमय बनाया। इसके पश्चात गणेश वंदना मीना अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत की गई। देवी गीत श्याम कुंवर भारती ने सुनाकर आध्यात्मिक भावों का संचार किया। स्वागत गीत कल्पना झा द्वारा एवम् स्वागत भाषण शायर/ कवि नावेद रजा दुर्गवी द्वारा प्रस्तुत किए गए। इसके पश्चात विशिष्ट अतिथि, मुख्य अतिथि और सभाध्यक्ष ने उद्घोषण प्रस्तुत किया।
इस खास मौके पर पत्रिका के प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने संस्था द्वारा किए जा रहे भविष्य के कार्यो की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था की डिजिटल नि:शुल्क ई-पत्रिका हर माह प्रकाशित की जायेगी। वहीं आगामी मार्च माह में दुबई कवि सम्मेलन को लेकर भी खासी तैयारी चल रही है। साथ ही आगामी 28 फरवरी को झारखंड में होने वाले कवि सम्मेलन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में कवियों के शामिल होने का निवेदन किया गया।
भारती ने कहा कि आने वाले समय में संस्था सभी के हित में कार्य करते हुए अपनी एक विशिष्ठ पहचान स्थापित करेगी। इसके लिए केवल आप सबका सहयोग बना रहे। इस अवसर पर आभासी रूप से ऑनलाइन जुड़े देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रतिभागियों में दुर्ग (छत्तीसगढ़) से डॉ विजय कुमार गुप्ता “मुन्ना”, रायपुर से सीमा मुकुंद अग्रवाल, भिलाई से माला सिंह, दिनदयाल साहु, सोनिया सोनी, मिताली वर्मा, दुर्ग से सुरेश कुमार बंछोर, नावेद रज़ा दुर्गावी, इंदौर (मध्य प्रदेश) से मीना अग्रवाल, वैशाली (बिहार) से डॉ. प्रीतम कुमार झा, झारखंड की राजधानी रांची से कल्पना कुमारी, डॉ निराला पाठक, बोकारो से कल्पना झा, बेरमो से विद्या भूषण मिश्र, टी.डी. नायक, शिव प्रसाद पांडेय, नावाडीह से टी.सी. महतो सहित अनेक साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता की।
आयोजित कवि सम्मेलन में प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया तथा साहित्यिक एकता और रचनात्मकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन नावेद रजा दुर्गवी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। पूरे आयोजन में शायर/ कवि नावेद रजा दुर्गवी ने अपने शेरो शायरी के ज़रिए अतिथियों को आमंत्रित किया जिससे कवि सम्मेलन में अलग ही रौनक आ गई। वकौल प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती यह आयोजन साहित्यिक सौहार्द, सांस्कृतिक मूल्यों और रचनात्मक ऊर्जा का सुंदर संगम सिद्ध हुआ है।
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