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अपने अधिकार को लेकर विस्थापित हर संभव आंदोलन को तैयार-इक़बाल

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। लगभग तीन माह से हस्तलदनी मजदूर तथा क्षेत्र के विस्थापित अपने हक अधिकार को लेकर आंदोलनरत है, बावजूद इसके कुछ तथाकथित शोषक वर्ग विस्थापितों की हिस्सेदारी पर कब्जा किए है। इसलिए अब यहां के विस्थापित अब चुप बैठने वाले नहीं है। अपने हक के लिए यहां के विस्थापित हर संभव आंदोलन को तैयार है।

उक्त बाते 24 जनवरी को बोकारो जिला के हद में श्रीकृष्ण चेतना क्लब परिसर में क्षेत्र के विस्थापित नेता एवं झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य इक़बाल अहमद ने प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि बीते दिनों कथारा मोड़ में ओपी प्रभारी का पुतला दहन स्वतः स्फूर्त था, क्योंकि विस्थापितों तथा हस्तलदनी मजदूरों के आंदोलन को लेकर बीते 18 जनवरी को ओपी प्रभारी द्वारा आपसी सहमति के लिए ओपी परिसर में बुलाये गये बैठक में ओपी प्रभारी के द्वारा एक पक्ष के समर्थन में बाते करना रहा है।

साथ हीं आंदोलनकारी प्रदीप यादव तथा रोहित यादव के विरुद्ध बिना किसी कारण निषेधाज्ञा की कार्रवाई को लेकर ग्रामीण आक्रोशित होकर ओपी प्रभारी का पुतला दहन को बाध्य हुए। जिसमें सैकड़ो-हजारों ग्रामीण सहित विस्थापित तथा हस्तलदनी मजदूर शामिल थे। झामुमो नेता इक़बाल ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उक्त पुतला दहन को लेकर कई प्रमुख समाचार पत्रों में स्थान नहीं दिया जाना वैसे मीडिया समूह द्वारा जनभावना को दरकिनार करना रहा है।

उन्होंने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण होता है, न कि एकपक्षीया। उन्होंने ऐसे कई अखबारों को भी उपस्थित मिडियाकर्मियों को दिखाया, जिसमें पुतला दहन से संबंधित समाचार नहीं छापे गये थे। विस्थापित नेता एवं बांध पंचायत की मुखिया मुरली देवी के पुत्र बबलू यादव ने पत्रकारों को बताया कि क्षेत्र के विस्थापित बेरोजगार कोयला लोकल सेल में अपने हक अधिकार को लेकर लगातार क्षेत्रीय प्रबंधन, डीओ होल्डरो से आरजू मिन्नत करते रहे।

कहा कि ओपी परिसर में वार्ता के बाद भी उन्हें हक मिलता नहीं दिखने व् ओपी प्रभारी द्वारा उनके विरुद्ध बात करने से आक्रोशित होकर पुतला दहन किया गया। यादव के अनुसार लोकल सेल में मजदूर विस्थापितों के नाम पर प्रति टन ₹300 वसुला जा रहा है। जिसमें अबतक लगभग 70 हजार टन कोयला उठाव किया जा चुका है। क्या इसमें यहां के बेरोजगारों का हक नहीं बनता है? उन्होंने कहा कि उक्त वसूली राशि पर कुछ तथाकथित अपना अधिकार समझने लगे है। इसे यहां के विस्थापित बर्दास्त नहीं करेंगे।

विस्थापित मंटू यादव ने कहा कि ओपी परिसर में ओपी प्रभारी का रवैया निष्पक्ष नहीं होने तथा बिना कारण दो आंदोलनकारियों पर 107 लगाने के कारण ओपी प्रभारी का पुतला दहन किया गया। आगे भी जबतक विस्थापितों को अधिकार नहीं मिलेगा उनका लड़ाई जारी रहेगा।

मौके पर उपरोक्त के अलावा झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा गोमिया प्रखंड अध्यक्ष इम्तियाज़ अंसारी, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रमोद सिंह, राजद बोकारो जिला महासचिव नरेश कुमार यादव, आजसू नेता गुलाम रब्बानी, श्रमिक नेता मथुरा सिंह यादव, हस्तलदनी मजदूर के राजेश रजवार, राजेश्वर रविदास, मणिलाल सिंह, पुर्व जिप सदस्य गुलशरीफ, अमीन अंसारी, तालिब अंसारी, लाल यादव, बिजय यादव, मोहन यादव, पंजाबी यादव, गोपाल यादव, गोबिंद यादव, नारायण यादव, प्रदीप यादव आदि उपस्थित थे।

जानकारी के अनुसार ओपी प्रभारी के खिलाफ बीते दिनों किए गये पुतला दहन के बाद यहां वर्चस्व कायम करने को लेकर समाज के तथाकथित दो फाड़ दिख रहे है। ओपी प्रभारी के समर्थन में पुर्व वाम नेता संतोष कुमार आस तथा भाजपा महिला नेत्री कांति सिंह के नेतृत्व में सैकड़ो महिला, पुरुष समर्थकों ने कथारा मोड़ पहुंचकर ओपी प्रभारी को माला पहनाकर सम्मानित किया। कुल मिलाकर इस वाद-प्रतिवाद के केंद्र में वर्तमान कथारा ओपी प्रभारी है। देखना है अब क्या होगा?

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