रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। वन भूमि अपयोजन एवं हस्तांतरण की स्वीकृति 10 जनवरी को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की अहम बैठक में दी गई। इसके साथ ही अब पथ निर्माण अंतर्गत बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के चौड़ा मौजा एवं रामगढ़ जिला के हद में गोला प्रखंड के उपर बरगा एवं हेठ बरगा मौजा अंतर्गत सरकारी गैरमजरूवा, खासमहाल, जंगल झाड़ी डिमेड फोरेस्ट भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर वन विभाग द्वारा लगायी रोक भी हट गयी है। जिससे अब वनभूमि क्षेत्र में अटका कार्य शुरू हो पायेगा और जल्द ही सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होगा।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव गोला प्रखंड के हद में नेमरा से जुड़ती है यह सड़क। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा से होकर गुजरने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण वन भूमि पहाड़ी के दोनों तरफ बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के कसमार चौक तक एवं रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के बरलंगा चौक तक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुकी है। लेकिन वन विभाग द्वारा रोक लगाये जाने तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिये जाने के कारण वन भूमि स्थल हेठ बरगा, उपर बरगा मौजा एवं चौड़ा मौजा पर कार्य रूका था।
मुख्यमंत्री ने इस पर विशेष पहल करते हुए अनापत्ति प्रमाण-पत्र हेतु क्षतिपूरक वन भूमि के अंतर्विभागीय नि:शुल्क हस्तांतरण की प्रकिया को कैबिनेट में स्वीकृति देकर पूर्ण कराया। बता दें कि, यह पथ बोकारो से कसमार होते सीधे मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा होते बरलंगा तक जुड़ती है। जहां से दायीं ओर रांची के सिल्ली तथा बायीं ओर पश्चिम बंगाल के झालदा की ओर रास्ता जाती है।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद की भी रही है अहम पहल
उक्त पथ का जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कराने को लेकर गोमिया विधायक सह राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो भी गंभीर रहे हैं। इस मामले में उन्होंने भी तत्परता पूर्वक पहल की है। जिसके कारण आज पथ निर्माण कार्य पूर्ण होने की सारी अड़चन समाप्त हो गयी।
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