आपदा प्रबंधन एवं खान बचाव क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर दिया गया जोर
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर 10 जनवरी को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) कथारा एवं तेनुघाट थर्मल पॉवर स्टेशन (टीटीपीएस) में एक परिचयात्मक अभ्यास का आयोजन किया गया। नेतृत्व एनडीआरएफ के देवीकांत पांडेय कर रहे थे।
बताया जाता है कि उक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन, बचाव कार्यों तथा खदान क्षेत्र में होनेवाले दुर्घटनाओं से निपटने हेतु जवानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। इस अभ्यास में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने विशेष रूप से खान बचाव प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान विषाक्त वातावरण में कार्य करने की प्रक्रिया, आधुनिक बचाव उपकरणों के प्रभावी उपयोग तथा खदानों में फंसे खनिको तथा कोल कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों पर विशेष बल दिया गया।
एनडीआरएफ द्वारा आयोजित यह अभ्यास जवानों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ज्ञात हो कि एनडीआरएफ नियमित रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में इस प्रकार के अभ्यास आयोजित करता है, जिनमें बाढ़, भूकंप, औद्योगिक दुर्घटनाओं एवं अन्य आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण शामिल होता है।
एनडीआरएफ टीम अभ्यास के क्रम में सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार से भेंट कर उद्देश्यों से अवगत कराया। जीएम के निर्देश के बाद टीम विभागाध्यक्ष सुरक्षा राजकुमार वर्णवाल तथा माइंस रेसक्यू स्टेशन के प्रमुख अमरेश प्रसाद के साथ कथारा क्षेत्र के वीटी सेंटर तथा एमआरएस जाकर सुरक्षा उपायों की तैयारियों व् सुरक्षा उपकरणों का अवलोकन किया। साथ हीं टीटीपीएस ललपनिया में प्लांट प्रबंधन के सुरक्षा उपायों की जानकारी ली।

इस अवसर पर बोकारो के डीडीएमओ शक्ति कुमार ने कहा कि, बोकारो जिले में परिचयात्मक अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की नौवीं बटालियन, बिहटा (पटना) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो आगामी 13 जनवरी तक जारी रहेगा। कहा कि अभ्यास कुल 16 स्थानों पर प्रस्तावित था। जिसमें अब तक अलग – अलग 12 स्थानों पर परिचयात्मक अभ्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता, संस्थानों एवं प्रशासन को आपदा प्रबंधन, आपातकालीन तैयारी एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है।
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