विभिन्न कांडों में कुल 23,612 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण पुलिस ने बीते 19 महीने में जिले में अपराध नियंत्रण, विधि- व्यवस्था और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। विभिन्न कांडों में इस अवधि में कुल 23,612 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए है।
जानकारी के अनुसार यह सब सारण के पुलिस उप-महानिरीक्षक-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष के कुशल नेतृत्व और प्रभावी पर्यवेक्षण में संभव हो पाया है।
उपरोक्त जानकारी 10 जनवरी को सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पत्रकारों को दी गई। इस अवसर पर बताया गया कि पुलिस उप-महानिरीक्षक-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व और प्रभावी पर्यवेक्षण में सारण पुलिस ने बीते 19 महीनों (एक जून 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक) में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए पुलिस ने संगठित अपराध, अवैध खनन और मद्य निषेध के विरुद्ध निर्णायक प्रहार किया है। बताया गया कि उपरोक्त अवधि के दौरान पुलिस ने विभिन्न कांडों में कुल 23,612 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जिनमें हत्या के 329, हत्या का प्रयास के 1,517, लूट के 152, डकैती मामले के 43, दुष्कर्म के 58, पॉक्सो के 79, अपहरण के 355 और आर्म्स एक्ट के मामले में 397 आरोपी शामिल हैं।
बताया गया कि न्यायिक दबदबा व् फरार अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए 29,518 वारंट, 23,914 सम्मन, 4,530 इस्तेहार और 1,434 कुर्की का विधि सम्मत निष्पादन किया गया।
अपराध के ग्राफ में ऐतिहासिक गिरावट (तुलनात्मक विश्लेषण)
जिला पुलिस के अनुसार पिछले 4 वर्षों (2021-2024) के औसत की तुलना में वर्ष 2025 में संगीन अपराधों में भारी कमी दर्ज की गई, जिनमें लूट में 50 प्रतिशत की कमी, डकैती में 33 प्रतिशत की कमी हुई। इसी तरह सामान्य दंगों में 78 प्रतिशत और भीषण दंगों में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। चोरी के मामले में भी 22 प्रतिशत की कमी तथा हत्या मामले में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इस दौरान अवैध गतिविधियों एवं मद्य निषेध के विरुद्ध प्रहार अभियान में भी बेहतरीन सफलता मिली। कहा गया कि जिले में शराब बंदी कानून के प्रभावी अनुपालन के लिए सारण पुलिस ने जल और थल दोनों मार्गों पर कार्रवाई की, जिससे 2,92,422 लीटर अवैध शराब और भारी मात्रा में मादक पदार्थ (गांजा, स्मैक) एवं विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी संभव हुआ।
अवैध शराब भट्टी ध्वस्तीकरण अभियान भी सफल रहा। इस दौरान 5,423 अवैध शराब भट्टियों को नष्ट कर 17,96,081 लीटर अर्द्धनिर्मित शराब का विनष्टीकरण किया गया। अवैध खनन के मामले में 1,931 छापामारी कर 9.08 लाख सीएफटी बालू जब्त की गई और ₹ 1,527.08 लाख का अर्थदंड वसूला गया। बताया गया कि महिला सुरक्षा आवाज दो अभियान के तहत महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए संचालित आवाज दो अभियान के माध्यम से 817 महिलाओं को सहायता दी गई, जिनमें 289 बालिकाओं को अनैतिक देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया गया। वहीं 413 अपहृत बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी कराई गई।हेल्पलाइन (9031600191) के माध्यम से 115 मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया।
बताया गया कि इस दौरान न्यायालय के साथ बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप 7801 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई, जिनमें 36 को आजीवन कारावास एवं कांडों में 79 अभियुक्त को सजा हुई। 18 कांडों में 28 अभियुक्त को 10 वर्ष से अधिक की सजा हुई। कुल 6,392 कांडों में अभियुक्तों को दोष सिद्ध कराया गया।
कहा गया कि कानून का इकबाल बुलंद करने के लिए पुलिस ने कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध सीधी कार्रवाई की। पुलिस के 5 प्रमुख मुठभेड़ों (डॉ सजल अपहरण कांड, एकमा तिलकार मुठभेड़ आदि) में 7 कुख्यात अपराधी घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए। निरोधात्मक कार्रवाई बीएनएसएस की धारा 107 के तहत अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वाले 52 अपराधियों को चिन्हित कर 20 के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है तथा सीसीए- 03 के तहत 1011 अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
कहा गया कि इस दौरान दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गयी। विभागीय शुचिता सुनिश्चित करने करने के लिए सारण जिला के 35 पुलिस पदाधिकारी व कर्मी को निलंबित किया गया। साथ ही दोषी पाए गए 52 पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की गई, जिसमें 4 की बर्खास्तगी एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत 3 पुलिस पदाधिकारीयों को जेल भेजे जाने की कार्रवाई भी शामिल हैं। सुपर पेट्रोलिंग एवं बीट पुलिसिंग रात्रि सुरक्षा और ग्रामीण अंचलों तक पुलिस की पहुंच हुई। ऑपरेशन त्रिनेत्र सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार किया गया।
इआरएसएस-112 न्यूनतम रिस्पांस टाइम के साथ त्वरित सहायता उपलब्ध हो पाया। इसके अलावा डॉ कुमार आशीष के नेतृत्व में सारण पुलिस ने रसूलपुर तिहरा हत्याकांड में भारतीय न्याय संहिता के तहत भारत में पहली सजा करवाई, जिसमें महज 50 दिनों में दोषियों को आजीवन कारावास एवं ₹25,000 जुर्माना की पहली सजा दिलाई। साथ ही, भुवनेश्वर में आयोजित 59वें डीजीपी, आईजीपी सम्मेलन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष इस केस का प्रस्तुतिकरण भी किया। जिससे देश स्तर पर सारण तथा बिहार पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ।
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