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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को लेकर सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर में भव्य आयोजन

लाईट डेकोरेशन और फूलों से जगमगाया बाबा हरिहरनाथ मंदिर

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। विनाश पर विकास और अधर्म पर धर्म की जीत का स्वरूप देश भर में मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर 10 जनवरी की संध्याकालीन बेला में हजारों दीप प्रज्वलित कर सनातन प्रेमी श्रद्धालुओं ने सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर के प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में अपनी अखंड आस्था को जीवंत कर दिया।

इस अवसर पर उपस्थित सनातन धर्मियों ने उन वीरों को भी नमन किया, जिन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की रक्षा के लिए विदेशी आक्रमणकारियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। ज्ञात हो कि, आज से एक हजार वर्ष पूर्व 10 जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा। यही कारण है कि यह पर्व विनाश पर विकास और अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाया जा रहा है।

सन् 1951 में हुआ था प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार-विजय सिंह लल्ला

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा हरिहरनाथ मन्दिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह ‘लल्ला’ ने कहा कि यह ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में प्रथम ज्योतिर्लिंग जिनका पुनरोद्धार 1951 में किया गया, उनके पुनर्प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 8 से 11 जनवरी तक कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पर्व का मुख्य विषय अटूट आस्था रखा गया है, जो मंदिर को लचीलेपन, सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में दर्शाता है।

न्यास समिति के कोषाध्यक्ष निर्भय कुमार ने सोमनाथ मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक क्षणों को याद किया और कहा कि एक हजार वर्ष पूर्व के हमले और उसके बाद हुए आक्रमण भी करोड़ों भक्तों की आस्था और उस सभ्यतागत चेतना को नहीं तोड़ सके, जिसने सोमनाथ को बार-बार खड़ा किया और सोमनाथ मंदिर को पहले से कहीं ज्यादा भव्य स्वरूप प्रदान किया।

उक्त अवसर पर हरिहरक्षेत्र व् विभिन्न अंचलों से संत, धार्मिक संस्थाओं से जुड़े धर्म पिपासू और श्रद्धालु बाबा हरिहरनाथ मन्दिर पहुंच कर अलौकिक आनन्द प्राप्त करते हुए दीपक जलाकर इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाया। मन्दिर न्यास के अध्यक्ष प्रमोद मुकेश, सह सचिव ओमप्रकाश सिंह, सह कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिन्हा, सदस्य चन्द्र भूषण तिवारी, कृष्णा प्रसाद, मुख्य अर्चक आचार्य सुशीलचंद्र शास्त्री, पवन शास्त्री, सदानंद पांडेय, बमबम पांडेय, गजेन्द्र पांडेय, नन्द बाबा, शशि बाबा, ब्रजेश सिंह गुड्डू, विनय बाबा, बादल बाबा, रजनीश, रौनक आदि ने उत्साह पूर्वक आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उत्सव में उल्लास का रंग भर दिया। उपर्युक्त अवसर पर हरिहरनाथ मन्दिर को जगमग लाईट डेकोरेशन और फूलों से सजाए गए।

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