सांसद के पत्र पर भी रेल महकमा ने शुरू नहीं की जल निकासी की कार्रवाई
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर नगर परिषद क्षेत्र के गोला बाजार गौतम चौक स्थित वार्ड एक और दो सहित दर्जनों गांव को जोड़ने वाला रेलवे अंडर पास जल जमाव के कारण दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। यहां जल जमाव स्थाई आपदा बन कर रहा गया है। इससे उक्त अंडरपास से आने – जाने वाले यात्री परेशान हैं।
बताया जाता है कि बीते एक साल से यह अंडरपास जल जमाव का शिकार है। सोनपुर नगर पंचायत द्वारा टैंकर से बार – बार की जल निकासी भी अब तक व्यर्थ साबित हुई है। उक्त सड़क मार्ग में गौतम चौक से अंडरपास तक एक दर्जन से अधिक दुकानों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और यह सड़क प्रदूषित जल से हमेशा भींगी और गीली रह रही है।
जानकारी के अनुसार सोनपुर नगर परिषद वार्ड क्रमांक एक स्थित उक्त अंडरपास में इतना पानी भर गया है कि स्कूटी, साइकिल और यहां तक कि चार पहिया वाहनों का पहिया (टायर) तक डूब जा रही है।जान जोखिम में डालकर पैदल यात्री रेलवे लाइन पर चढ़कर बाजार आवाजाही कर रहे हैं। इस खतरे से रेल प्रशासन और नगर प्रशासन अनजान बना है। गोला बाजार आने में महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पर रही है। उनका गोला गल्ला मंडी आना – जाना लगभग बंद हो गया है।
ध्यान देने योग्य है कि जैसे ही आप एक नंबर वार्ड के गौतम चौक गोला बाजार से दक्षिण दिशा की ओर मुड़ेंगे तभी सोनपुर – छपरा रेल खंड का यह रेलवे अंडरपास मिलेगा। नगर के गोला बाजार एक नंबर वार्ड से वार्ड नंबर दो को जोड़ने वाला यह मुख्य अंडरपास सड़क है, जिसमें पिछले कई माह से पानी भरा है। इस अंडरपास से गुजरनेवाली गाड़ियां अक्सर बीच में फंस जा रही है या बंद हो जाती हैं। जिसके कारण पीछे चलनेवाले दुपहिया वाहनों के सवारों की दुर्गति हो जाती है। उन्हें भी रुकना पड़ता है और तब उनका पैर सड़े हुए पानी में घुटनो तक या उससे भी ज्यादा डूब जा रहा है।सबसे ज्यादा गोला बाजार के व्यवसायियों को इससे आर्थिक नुकसान उठाना पर रहा है।
क्या कहते है गौतम चौक गोला बाजार के व्यवसायी और दुकानदार
सोनपुर के गौतम चौक सुधा स्टॉल के प्रोपराइटर अमरेंद्र सिंह बताते हैं कि इस समस्या का स्थायी निदान रेलवे के हाथ में है। नगर पंचायत द्वारा टैंकर से जल निकासी करवाई जाती है, परंतु बगल के गड्ढे में पानी उड़ेल कर चला जाता है और वह पानी पुनः अंडरपास में जमा हो जाता है। बताया कि एक और बड़ी दिक्कत यह है कि दुधैला, परवेजा और जैतिया से आने वाला नाला का पानी उक्त अंडरपास के निकटवर्ती
गड्ढे में गिरता है, जिससे रिसाव होकर पानी अंडरपास में भर जाता है। ग्रामीण अपने स्तर पर जल निकासी का प्रयास करते रहते हैं, परंतु कोई फायदा नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में जनप्रतिनिधियों ने सोनपुर के डीआरएम से मुलाकात कर समस्या के निदान के लिए सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी द्वारा अनुशंसित आवेदन पत्र भी दिया था, परन्तु आज तक इस पर क्या अमल हुआ उसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को नहीं मिली, न हीं धरातल पर कोई कार्य होते दिखा। उन्होंने कहा कि रेल महकमा एक्टिव होगा, तभी इस समस्या का स्थायी निदान संभव है।
सौम्या गारमेंट्स के दुकानदार रौशन कुमार का कहना है कि जलजमाव से पूरी तरह दुकानदारी प्रभावित हो रही है। जिससे बचने के लिए पलायन के अलावा उनके पास विकल्प शेष नहीं रह गया है।
जहांगीरपुर समिति सदस्य सौरभ गौतम ने दिया था सांसद को आवेदन
सोनपुर के ग्राम पंचायतराज जहांगीरपुर के पंचायत समिति सदस्य सौरभ गौतम ने बीते वर्ष 19 अप्रैल 2025 को सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी को आवेदन देकर इस भयावह आपदा से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की थी। उक्त पत्र को सांसद ने अनुशंसित किया था, जिसे जनप्रतिनिधियों ने
गौतम के नेतृत्व में डीआरएम सोनपुर से मुलाकात कर समस्या से निदान करवाने का आग्रह किया था। स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि यह अंडरपास एक दर्जन ग्रामों का गोला बाजार पहुंचने का इकलौता नजदीकी रास्ता है। नगर के परवेज़ा वार्ड क्रमांक दो हो या दुधैला पंचायत, शाहपुर, जयंतियां, जहांगीर पुर परवेजाबाद, पहलेजा शाहपुर दियारा, नजरमीरा, बबुरबानी, बदुराहीं, छितरचक सभी पंचायतों के सुगम आवाजाही का रास्ता इसी अंडरपास से होकर है।
वर्तमान में रहिवासियों को पहाड़ीचक या शाहपुर मार्ग से दुधैला गाछी चौक होते गोला मंडी में खरीद – बिक्री करने आना पर रहा है। दैनिक जीवन बाधित होने से रहिवासियों की परेशानी बढ़ रही है। इस संबंध में गौतम चौक गोला बाजार रहिवासी जहांगीरपुर पंचायत के पूर्व मुखिया तृप्ति नाथ सिंह का कहना है कि अंडरपास में जल जमाव से उपरोक्त ग्रामों के रहिवासी परेशान हैं।
जब तक जल-जमाव का स्थायी समाधान नहीं निकाला जायेगा, तब तक इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय वार्ड पार्षदों द्वारा पंपिंग सेट से पानी निकासी की जाती है, परंतु अंडरपास पुनः जल जमाव का शिकार हो जाता है। जल जमाव से स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज निकालने और नहर में स्लूईस गेट निर्माण करने की जरूरत है। कहा कि ड्रेनेज निकालने एवं स्लूईस गेट निर्माण पर सभी का ध्यान होना चाहिए।
वर्तमान हालात यह है कि उक्त अंडरपास में जल जमाव से यातायात ही नहीं बाधित हो रहा बल्कि कार, मोटरसाइकिल, साइकिल आदि भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे है। जल जमाव से सड़न और बदबू फैल रही है। मच्छर पनप रहे हैं, जिससे तरह -तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यह सब बुनियादी ढांचे की कमी (खराब जल निकासी) व्यवस्था को दर्शा रहा है। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि खराब या अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली की वजह से यह सब हो रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर जल निकासी, उचित योजना और रख-रखाव आवश्यक है।
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