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कला मंडपम के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमाया

सोनपुर मेला मंच से कलाकारों ने की एक से बढ़कर एक नृत्यों की प्रस्तुति

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर 27 नवंबर की शाम बिहार सरकार के पर्यटन विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन सारण के संयुक्त तत्वाधान में पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति की गयी।

बिहार की राजधानी पटना की सांस्कृतिक संस्था प्रियंका एवं दल (कला मण्डपम, पटना) के कलाकारों ने बिहार के कई पारंपरिक नृत्यों की बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने भगवती वंदना, झिझिया, जट-जटिन, पंवरिया – नृत्य, झूमर, कजरी आदि एक से बढ़कर एक पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति कर कला मण्डपम के कलाकारों ने बिहार की समृद्ध पारंपरिक धरोहर को जीवंत कर दिया।

संस्था की सचिव प्रियंका के नृत्य निर्देशन में माधवजी, निहारिका, निशा, समीक्षा, शिखा, रश्मि, अनुष्का, सुनिधि आदि कलाकारों ने नृत्य की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को ऊंचाई दी। पंडाल में उपस्थित मेला दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का दमदार अभिवादन एवं उत्साहवर्धन किया।

सुदीपा घोष निर्देशित पौराणिक गीतों पर आधारित नृत्य नाटिका सीता स्वयंबर की प्रस्तुति

विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर बीते 26 नवंबर की संध्या शांति कला केन्द्र पटना की ओर से सुदीपा घोष निर्देशित पौराणिक गीतों पर आधारित नृत्य नाटिका सीता स्वयंवर की प्रस्तुति की गयी। लोक कला में शास्त्रीयता की झलक समेटे यह नृत्य नाटिका संस्कृति के संवर्द्धन का द्योतक जैसी रही। लक्ष्मण, जनक और राम-सीता सहित मंच पर सभा के अन्य चरित्रों के साथ गीतों के माध्यम से यह प्रस्तुति दी गयी।

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