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मजदूरों को टेंशन फ्री करें प्रबंधन तभी रूकेगी दुर्घटना-बी. के. चौधरी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट में बढते दुर्धटना व् इस्पात कर्मी एवं ठेका कर्मीयों के समस्याओ को लेकर जय झारखंड मजदूर समाज द्वारा चलाये जा रहे जन जागरण कार्यक्रम के तहत 27 नवंबर को बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी कार्यालय के सामने जोरदार आक्रोश प्रर्दशन किया गया।

जन जागरण कार्यक्रम का संचालन मजदूर समाज के संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार ने किया। यहां उपस्थित कर्मचारीयों ने मजदूरों मे भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम सभी अनुबंध कर्मी स्थायी प्रबृति का काम कर रहे है।गन्दगी साफ, वार्ड ब्याय, पैथोलोजी, इसीजी, ड्राइवर, नर्स। लेकिन इसी जगह समान काम करने वाले कुछ ठेका मजदूरों को सभी प्रकार का भत्ता दिया जाता है, जबकि सैकड़ो मजदूर को इससे बंचित रखा गया है।

साईकिल स्टैंड मे उन्हें साईकिल या मोटरसाइकिल रखने नहीं दिया जा रहा है। लॉउन्ड्री मे काम करने वालो को ईएल व् बोनस का भुगतान नही किया जा रहा है। एयर कन्डीशन मे ठेकेदार को जितना मजदूर नियमतः रखना चाहिए उसमे भी कटौती किया गया है। वे बिजली से सम्बंधित काम करते है, लेकिन द्वितीय पाली और रात्री पाली मे उन्हें अकेले काम करना पड़ता है।

मजदूरों की वेदना सुनने के उपरान्त झारखंड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी. के. चौधरी ने बीएसएल प्रबंधन को संबोधित करते हुए कहा कि प्लांट हो या बाहर मजदूर तनाव और टेन्सन मे जब रहेगा तो दुर्धटनाऐं सम्भावित हो जाता है। उन्होंने कहा कि कौन चाहता है कि हम दुर्घटनाग्रस्त हो जाय या हमारी मृत्यु हो जाए। प्रबंधन द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर या ध्वनि बिस्तारक यंत्र से सेफ्टी के साथ काम करने का संदेश देकर अगर सोचती है कि इससे हमारी जबाब देही पूरा हो गया तो यह सोच गलत है। उन्होंने कहा कि प्लांट प्रबंधन वास्तव मे अगर दुर्घटना इमानदारी से रोकना चाहती हैं तो सर्वप्रथम मजदूर के तनाव और टेंशन को दिल से समझना पड़ेगा।

उसका समाधान भी इमानदारी से करना होगा। कहा कि प्रबंधन जबाब दे कि क्या 39 महिने का एरियर नही मिलना चाहिए? युनियन चुनाव इन्सेंटिव रिवार्ड मे सुधार, स्थायी नेचर का काम करने वालो को सभी प्रकार का भत्ता नही मिलना चाहिए? क्या मेहनत की कमाई मे से पैसा लौटाना चाहिए? क्या आईएस मार्का सुरक्षा उपकरण नही मिलना चाहिए?

एसडब्लू का इलाज कहीं से भी नही होना चाहिए? क्या यूएसडब्लू का मोटर साइकिल पास नही बने और प्लांट के गेट पर अनिधिकृत स्टैंड मे रोज पैसा देना पड़े। क्या बीजीएच मे काम करने वालो को मोटर साइकिल या साईकिल भगवान भरोसे चहारदिवारी के बाहर रखना पड़े? क्या बिजली का काम अकेले मे करना चाहिए? मजदूरों को मेहनत का ईएल, बोनस नही मिलना चाहिए? क्या बीजीएच मे मजदूरों का गेट पास नही बनना चाहिए? प्रबंधन को अपने उपर लेकर सोचने की जरूरत है कि टेंशन रहने पर उनका मन भी बिचलित होता होगा। इसलिए समस्याओ के समाधान नही होने से दुर्घटना से इन्कार नही किया जा सकता।

अन्त में महामंत्री चौधरी ने कहा कि प्लांट मे और विभागों मे जन जागरण के पश्चात बड़े आन्दोलन का घोषणा किया जायगा। मौके पर जय झारखंड मजदूर यूनियन के कार्यालय मंत्री आर बी चौधरी, शंकर कुमार, एन के सिंह, अनिल कुमार, आई अहमद, दयाल मांझी, दिलीप ठाकुर, ओ पी चौहान, संजय राम, सिकंदर राम, राजू राम, विक्की कुमार, कृष्णा राम, संजय कुमार, गोपाल डोम, सतेन्द्र कुमार, गणेश राम, बिरेंदर राम, अजय राम, राजू राम, सरिता देवी, महेश कुमार, अनवर खान, महेश शर्मा, सतेंदर राम, मिथलेश कुमार, करिश्मा देवी, बिरजू राम, दिलीप राम, रेखा देवी, बबलू राम, विकाश कुमार, कविता देवी, अजय कुमार, महेश शर्मा, निमाई डोम, राज कुमार कालिंदी, सुनील कुमार गोप, सनातन कुमार पाठक, बिनोद यादव, जितेन्द्र कुमार सिंह, विजय साहू, एस के पी साव आदि उपस्थित थे।

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