चिमनी गिराए जाने के दौरान प्रदूषण से रहिवासी परेशान
राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। दामोदर वेली कारपोरेशन (डीवीसी) की बोकारो थर्मल में निर्मित बी प्लांट का एक एवं तीन नंबर चिमनी को 26 नवंबर को गिरा दिया गया। गिराने के दौरान दोनों चिमनीया दो टुकड़ों में टूट कर जमींदोज हो गया।
बताया जाता है कि बंद प्लांट के चिमनी गिराए जाने के बाद प्लांट से सटे बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन में व्यापक पैमाने पर छाई प्रदूषण फैल गया, जिससे रेलवे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। बता दे कि, बोकारो थर्मल में वर्ष
1992 में निर्मित बी प्लांट से 210×3= 630 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा था। परन्तु अधिक खर्चीला होने के कारण डीवीसी प्रबंधन ने इस चालू प्लांट को दिसंबर 2020 से बंद कर दिया था।
अब इस बंद प्लांट को ध्वस्त किया जा रहा है। ध्वस्त करने का कार्य हैदराबाद की कंपनी राधा स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ₹ 290 करोड़ की निविदा पर कराई जा रही है। प्लांट डिस्मेंटल करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसी के तहत अब प्लांट के चिमनियों को गिराया गया है। इससे पुर्व एक चिमनी दो माह पूर्व 12 सितंबर को ही गिराई जा चुकी थी। सभी चिमनी को गिराने का कार्य मात्र एक पोकलेन मशीन के द्वारा किया गया। फिलहाल बोकारो थर्मल में 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली मात्र ए प्लांट चालू हालत में है।
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