शांतिपूर्ण चुनाव के लिए बिहार पुलिस की हो रही राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा-विनय
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला में 17 नवंबर को बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बिहार अपराध निरोध प्रदर्शनी का फिता काटकर विधिवत उद्घाटन किया।
इस दौरान उन्होंने साइबर अपराध प्रदर्शनी, एटीएस प्रदर्शनी, नशाखुरानी प्रदर्शनी, महिला हेल्प डेस्क, बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता प्रदर्शनी, मानव व्यापार निरोध इकाई प्रदर्शनी, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रदर्शनी का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि साइबर अपराध वर्तमान समय में सबसे बड़ा चुनौती है।
पुलिस इसको रोकने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए विधि – व्यवस्था की समस्या को दूर करना आवश्यक है। कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार प्रयास कर रही हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि अपराध और विधि व्यवस्था की समस्या को नियंत्रित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश के लिए विधि व्यवस्था की समस्या को दूर करना, अपराध और आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है। कहा कि हाल हीं में बिहार में संपन्न चुनाव में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस के अधिकारियों ने अपनी कुशलता और मेहनत से बिहार विधान सभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया है।
जिसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना, जिसमें कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, कुशलता और मेहनत का परिचय देता है। डीजीपी ने कहा कि बिहार पुलिस को विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा, ताकि राज्य को विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से एक अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ अच्छे तरीके से व्यवहार करना बहुत जरूरी है, क्योंकि वे हमारे अतिथि हैं। कहा कि थाना में आने वाले हर फरियादी को सम्मान और अच्छे व्यवहार का अधिकार है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि वे नागरिकों के साथ अच्छे तरीके से व्यवहार करें। थाना पर आने वाले हर व्यक्ति को सम्मान दे। उनकी समस्याओं को सुनें और उनका समाधान करे। अच्छी पुलिसिंग के लिए सक्रिय रहे।
डीजीपी ने एडीजी सीआईडी और पूरी टीम को बधाई दी, जो एक अच्छी पहल है। कहा कि बिहार पुलिस को इसी तरह से काम करते रहना होगा, ताकि आम नागरिकों का विश्वास और सम्मान प्राप्त किया जा सके। डीजीपी विनय कुमार ने बिहार पुलिस के इतिहास के बारे में जानकारी देते बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में बिहार पुलिस का बहुत बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि एक अधिकारी ने एंथ्रोपमेट्री के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग किया। कहा कि उन्होंने एक टेन डिजिट फिंगर प्रिंट क्लासिफिकेशन सिस्टम डेवलप किया, लेकिन इसका श्रेय उनको नहीं दिया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग लेने के लिए एंथ्रोपमेट्री मेजरमेंट का उपयोग, फिंगर प्रिंट को विकसित करने में महती भूमिका निभाई।
हैंडराइटिंग साइंस में भी बिहार था अग्रणी
उन्होंने बताया कि हैंडराइटिंग साइंस में भी बिहार काफी अग्रणी था। कहा कि बिहार पुलिस के एक अधिकारी ने सरदार फोरेंसिक लैब पटेलजी के समय में का भ्रमण किया था। इसके अलावा एम के सिन्हा ने वर्ष 1958 में पटना के गांधी मैदान में क्राइम विक आयोजित किया था, जिसकी सफलता को देख अन्य राज्यों ने भी उसका अनुसरण किया।
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