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राधा सिंन्हा सामाजिक सेवा संस्थान के कलाकारों द्वारा लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक मंच पर 15 नवंबर को सुरभि कला मंच सोनपुर (सारण) एवं राधा सिंन्हा सामाजिक सेवा संस्थान पटना के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से मेला दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

इस अवसर पर पटना के कलाकारों ने ऐ पहुना एही मिथिले में रहु ना। जो आनंद विदेह नगर में, देह नगर में कहुं ना, ऐ पहुना एही मिथिले में रहु ना गाकर दर्शकों को भाव – विभोर कर दिया। दिवा कालीन कार्यक्रम में गायक कलाकार सोनू बाबू ने जब हम जनती शीतली मैया आईहै अंगना, अंगना दुआर सगरी महल अटारी गीत की प्रस्तुति की, जिसे सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। वहीं गायिका मोनी जायसवाल ने मांगीला हम वरदान हे गंगा मैया के साथ कई आकर्षक प्रस्तुतियों से मेला दर्शकों को भक्ति की सरिता में स्नान कराया।

नर्तक अरविंद कुमार और नृत्यानगना नूतन कुमारी की जोड़ी ने झूला झूल रहे राधा रानी सहित कई गीतों पर भाव नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसमें नशा पर आधारित भाव नृत्य की प्रस्तुति भी शामिल है। ट्रैकिंग सॉन्ग में बाल कलाकार वैभव मिश्रा ने अपनी प्रस्तुति दी।

नेत्रहीन बच्चे – बच्चियों ने नाटक के माध्यम से दिया आपदा से बचाव का संदेश

जिला प्रशासन छपरा (सारण) की ओर से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के नेत्रहीन बच्चे – बच्चियों ने मेला के मंच पर आपदा से बचाव नाटक के माध्यम से जन जागृति का संदेश दिया। 17 बच्चे -बच्चियों ने इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए शानदार कार्यक्रम की प्रस्तुति दी, जिसमें आपदा प्रबंधन के संयोजक संदीप कमल के साथ शिक्षक भी उपस्थित थे। स्वर -मंजरी पटना के कलाकारों ने जेहने किशोरी मोरी, छाप तिलक सब छीनी रे, दमा दम मस्त कलंदर आदि गीतों से कमलेश कुमार ने समां बांध दिया।

साथ ही, सोनाली कुमारी ने अपनी गीत की प्रस्तुति दी, ओम प्रकाश विद्यार्थी ने भी गीत की प्रस्तुति से मेला दर्शकों से तालियां बजवाई। संगत कलाकारों में की-बोर्ड पर राजीव, तबला पर चुन्नीलाल, चंग पर अंशु यादव आदि कलाकार शामिल रहे। आज की तीसरी कड़ी में राधा सिंन्हा सामाजिक सेवा संस्थान पटना के कलाकारों ने लोक नृत्य की प्रस्तुति से देर तक दर्शकों को कुर्सियों पर बैठे रहने पर मजबूर किया। लोकनृत्य में झिंझिया, सामां- चकेवा, गांव के अधिकारी तोहर बड़का भैया हो, ऐ पहुना आजू मिथिले में रहू ना, तीनों संस्थानों के कलाकारों को सीडीपीओ ने सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। मंच संचालन उद्घोषक विट्ठलनाथ सूर्य द्वारा किया गया।

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