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हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेले में चार दर्जन से अधिक रंग-बिरंगे झूलों की बहार

फुल बॉडी एक्सरसाइज है झूला झूलना, मेंटल हेल्थ के लिए भी है फायदेमंद

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेले में इस बार चार दर्जन से अधिक रंग – बिरंगे झूलों की उपस्थिति ने मेलार्थियों को भी हैरत में डाल दिया है। अकेले यहां लगभग एक दर्जन आसमानी झूला का दर्शन हो रहा है। इसके अलावा लगभग एक दर्जन ब्रेक डांस झूला भी मेले की शोभा बढ़ा रहा है।

ध्यान देने योग्य है कि झूला झुलना फुल बॉडी एक्सरसाइज है। यह मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस बार मेला के गाय बाजार स्थित डिज़्नीलैंड मेला, चिड़िया बाजार रोड, लकड़ी बाजार – लोहा बाजार रोड एवं नखास मुख्य मेला रोड में झूलों की भरमार है। मेले में ट्रेन ड्रैगन, करीब आधा दर्जन ड्रेगन नाव झूला, प्लेटिमा डांस, सवारी रेलगाड़ी, टोरा -टोरा आदि की उपस्थिति हो चुकी है। मनोरंजन के साधनों में मेला यात्रियों के बीच झूले का बढ़ता क्रेज इस बात की ओर इशारा कर रहा है।

झूला झूलना स्वास्थ्य के लिए एक फायदेमंद एक्टिविटी

वैज्ञानिक दृष्टी से झूला झूलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद एक्टिविटी है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। झूला झूलने से बॉडी का वर्कआउट हो जाता है, जिससे बॉडी में हड्डियां और मसल्स मजबूत होती हैं। झूला झूलने से बॉडी में वेस्टीब्युलर सिस्टम एक्टिवेट होता है, जिससे शरीर में बैलेंस पॉवर बढ़ती है। झूला झूलने से इंसान को शरीर के सभी हिस्सों को बैलेंस करना आ जाता है। झूला झूलने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है।

एक दर्जन से अधिक छोटे झूलों की बहार

सोनपुर मेले में बड़े झूलों को दरकिनार कर दें तो अकेले मेले में नन्हें बच्चों के लिए एक दर्जन से अधिक झूले बच्चों का मनोरंजन कर रहे हैं। जिसमें कार, जीप, बत्तख, हेलिकॉप्टर, हवाई जहाज, घोड़ा, मोर आदि शामिल हैं। मेले के मात्र दो बाजारों को लें तो डिज़्नीलैंड मेला गाय बाजार में सात छोटा झूला लगा है। सरकारी आर्ट एंड क्रॉफ्ट ग्राम में पांच लघु झूले लगे हैं। में बच्चे जमकर मस्ती कर रहे हैं।

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