प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के साधु गाछी में नारायणी नदी किनारे स्थित श्रीगजेंद्र मोक्ष देवस्थानम नौलखा मंदिर में 14 नवंबर को भारत प्रसिद्ध वैष्णव संन्यासी श्रीमद् विष्वक्सेनाचार्य श्रीत्रिदण्डि स्वामीजी की 26वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा उनकी दिव्य विग्रह के समक्ष आरती – पूजन किया गया।
इस अवसर पर श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्यजी महाराज ने कहा कि पारम्परिक विधि विधान से महाभिषेक एवं वैदिक मंत्रोच्चारण से षोडशोपचार पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीत्रिदण्डी स्वामीजी महाराज को लक्ष्मी नारायण मन्दिर चरित्रवन बक्सर के महंत स्वामी श्रीरामकृष्णाचार्य ने दीक्षा दी थी। उन्होंने ही उनका नामकरण श्रीविष्वक्सेनाचार्य किया था। उन्होंने कहा कि महाभाग रहस्य ग्रन्थ एवं पूर्ण अध्यात्म के साथ अकल्पनीय भगवान श्रीरामानुजाचार्य की परम्परा की शिक्षा देने वाले कांची प्रतिवादी भयंकर गादी श्रीअनन्ताचार्य महाभाग तथा यतिन्द्र सन्यास की दीक्षा देने वाले आचार्य श्रीवादिभीकर केशरिया महाराज कांचीपुरम थे।
उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीत्रिदण्डी स्वामीजी महाराज ने उन्हें बताया था कि भगवान श्रीरामानुज के प्रति जो मेरी निष्ठा है उससे भी अधिक निष्ठा जगद्गुरु श्रीअनन्ताचार्य गादी स्वामीजी में है। क्योंकि वे मेरे जीवन के आचार्य और वे ही महापुरुष हैं। उन्होंने कहा कि श्रीत्रिदण्डी स्वामीजी का दर्शन यदि धर्म नास्तिकों ने कर लिया उसे अविलम्व आस्तिक होते देखा गया।परमाचार्य आजीवन पयोव्रती रहे। इस अवसर पर संजय झा, सीए भोला सिह, संजय पांडेय, अशोक स्वर्णकार, सुरेश प्रसाद, गोपाल झा, शिवकुमार झा, गौरव झा, रत्नेश मिश्रा, नन्द किशोर शास्त्री आदि गणमान्य उपस्थित थे। इस अवसर पर यहां महा भण्डारा का आयोजन किया गया।
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