पांचवीं और आठवीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। ज्ञान-विज्ञान समिति झारखंड की बोकारो इकाई ने झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन 13 नवंबर को जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपी। ज्ञापन में समिति ने राज्य सरकार द्वारा कक्षा पाँचवीं एवं आठवीं में बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के निर्णय का विरोध करते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की है।
समिति के बोकारो जिला उपाध्यक्ष पंकज कुमार सिन्हा और प्रदेश कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने जिला शिक्षा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपी। इस अवसर पर समिति की सदस्य चमेली देवी, रंजीत कुमार प्रजापति, कुमुद महतो और महेश्वर गोराय भी उपस्थित रहे।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया निर्णय शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16 के प्रतिकूल है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी छात्र आठवीं कक्षा तक किसी भी कारण से अनुतीर्ण नहीं किया जाएगा। समिति ने तर्क दिया कि यह कदम बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास को प्रभावित करेगा और उनमें भय एवं असफलता की भावना को बढ़ाएगा।
समिति ने मांग की कि राज्य सरकार इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करे। शिक्षा नीति को आरटीई अधिनियम के अनुरूप लागू किया जाए। शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों से राय लिए बिना ऐसे निर्णय न किए जाएँ।
समिति सदस्यों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाना है, न कि असफलता का डर पैदा करना। इसलिए सरकार से इस निर्णय को निरस्त करने की अपील की गई है।
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