अब तक आए 1760 घोड़े में 400 की बिक्री संभव, अधिकतम ₹4.6 व् न्यूनतम 1.5 लाख
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला का घोड़ा बाजार इस बार पूर्ववर्ती के अपेक्षा ज्यादा गुलजार दिख रहा है। मेले में अभी तक 1760 घोड़े आए हैं। मेले के उद्घाटन से दो दिनों के भीतर 400 घोड़ों की बिक्री संभव हो पाया है।
मेले में देशी-विदेशी नस्ल के 45 कुत्ते भी उपस्थित हैं। बकरी और भेड़ों की संख्या भी 40 है। घोड़े का अधिकतम मूल्य 4.06 लाख एवं न्यूनतम मूल्य 1. 05 लाख रहा है। पशुपालन विभाग के मेला शिविर से बीते 10 नवंबर को अपर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी छपरा सह मेला प्रभारी डॉ मुकेश सहाय के हस्ताक्षर से जारी दैनिक प्रतिवेदन से इस आंकड़े का रहस्योद्घाटन हुआ है। मेला शिविर में उपस्थित
टीबीओ मोबाइल डॉ आलोक कुमार सिंह ने 11 नवंबर को बताया कि बदलते परिवेश में यह घोड़ा बाजार आज भी जीवंत है। बकरी बाजारों में बकरियों की भी आमद शुरू हो गई है।
कुत्ता बाजार भी प्रतिवर्ष की तरह लगा है। पशुपालन विभाग के दैनिक प्रतिवेदन पर नजर डालें तो इस बार मेले में अभी तक एक भी हाथी, ऊंट, हरियाणा गाय, बैल, थारपाकर गाय, बैल का आगमन नहीं हुआ है। रेड सिंधी गाय भी मेला में नहीं दिखी। जिन गायों का आगमन हुआ उनमें फ्रीजियन 5 और जर्सी 3 है। यानी इस बार 10 नवंबर तक मेले में कुल 8 गायों की उपस्थिति देखी गई।
इसी तरह इस बार मेले में महज 10 बैल आए वह भी बछौर बैल। भैंस की बात करें तो उनकी संख्या भी नगण्य रही। मुर्रा भैंस दो की संख्या में आई है। देशी एवं अन्य भैंसों की अनुपस्थिति दर्ज की गई।मेला के दौरान 159 पशुओं की भी चिकित्सा जांच व् उपचार की गयी।
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