सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष वीर सिंह मुंडा ने 9 नवंबर को साक्षात्कार में बताया कि भारतीय हॉकी संघ का 100वीं वर्ष पूर्ण हो चुका है। पश्चिम सिंहभूम जिला हॉकी एसोसिएशन के खिलाड़ियों के मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए वे सतत प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ मे चाईबासा क्षेत्र के मंत्री दीपक बिरूवा जिला के खिलाड़ियों का विकास हेतु मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 22 एकड़ भूमि बंदोस्त करने में घोषणा जिले में पूर्व में आयोजित मिटिंग में कर चुके है।
हॉकी एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मुंडा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान मे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नहीं होने के कारण जिला के खिलाड़ियों का सपना अधूरा रह जाता है। अगर यह घोषणा हकीकत में बदल जाए तो खिलाड़ियों का भविष्य संवर जाएगा। यहां के उद्योगपतियों को भी निगमित सामुदायिक दायित्व से मानवीय विकास में योगदान किए जाने की मांग की गई है।
मुंडा ने हाँकी के खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए विचार प्रकट किया है कि मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनकी हॉकी खेलने की शैली असाधारण थी। उनकी स्टिक पर गेंद ऐसे चिपक कर चलती थी कि विपक्षी खिलाड़ी उनसे गेंद छीन नहीं पाते थे। यह अद्भुत नियंत्रण और गेंद को नियंत्रित करने की क्षमता उनके खेल की जादुई प्रकृति के कारण थी, जिस कारण उन्हें यह उपाधि मिली।
मुंडा के अनुसार ध्यानचंद की सफलता का रहस्य कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन, उत्कृष्ट खेल भावना और टीम के प्रति प्रतिबद्धता था। उन्होंने निरंतर अभ्यास से अपने खेल को निखारा और अपनी असाधारण तकनीक, आत्मविश्वास और खेल के प्रति जुनून के कारण उन्हें हॉकी का जादूगर कहा गया।
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