रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो एयरपोर्ट को अविलंब चालू करने की मांग को लेकर नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले 9 नवंबर को अपराह्न 3.30 बजे बोकारो एयरपोर्ट के मेन गेट पर प्रतीकात्मक विरोध किया गया। नेतृत्व मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ ने गया।
इस अवसर पर मंच अध्यक्ष मुकुल ओझा ने बताया कि इस एयरपोर्ट के निर्माण में अभी तक लगभग सौ करोड़ खर्च हो चुका है तथा 5 वर्षों से यह लगभग बन कर भी तैयार है। पर छोटी छोटी कमियों के कारण एवं राजनैतिक और प्रशासनिक इच्छा शक्ति के अभाव में यह हवाई अड्डा अभी तक अधूरा पड़ा है। कहा कि बोकारो के औद्योगिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं पर्यटन के विकास में यह एयरपोर्ट अहम साबित हो सकता है तथा यह बोकारो के भविष्य से जुड़ा है। इसे चालू करने की बस तिथि घोषित की जाती है, मगर यह सिर्फ घोषणा ही रह जाती है।
उन्होंने कहा कि बोकारो की जनता अपने को ठगा महसूस कर रही है। आंदोलन के माध्यम केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय, राज्य सरकार, एयरपोर्ट अथारिटी, जिला प्रशासन और सेल सबको चेतावनी दिया गया कि चाहे जिसके द्वारा भी एयरपोर्ट को चालू करने में बाधा उत्पन्न की जा रही है, उसे तत्काल दूर करे और बोकारो हवाई अड्डा को अविलंब चालू किया जाए। कहा में जब तक इस एयरपोर्ट से यात्री विमान नहीं उड़ने लगेंगे, तब तक नागरिक अधिकार मंच का आंदोलन क्रमवार जारी रहेगा तथा यह उग्र होता जाएगा।

आंदोलन में मृणाल चौबे, रघुवर प्रसाद, वैद्य गणेश साव, गौरी शंकर सिंह, अर्जुन नायक, अमरेंद्र झा, नीरज कुमार, गंगेश पाठक, लक्ष्मण शर्मा, मनीष झा, सतीश सिंह, विजय त्रिपाठी, अक्षय दुबे, अजीत भगत, राजेश्वर द्विवेदी, संजय पांडेय, विष्णुदेव प्रसाद, मदन यादव, पप्पू चौबे, एन के दास, शभापति सिंह महाकाल, अभय कुमार गोलू, रितेश मोनू, सरोज तिवारी, विनय कुमार सहित मंच के अनेकों पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
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