एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। एक बार फिर समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी की करतूत से एनडीए को शर्मशार होना पर रहा है। इस बार सांसद द्वारा दोनों हाथों से वोट चोरी का विडियो वायरल हो रहा है, जो सर्वत्र चर्चा का विषय बन गया है। चुनाव आयुक्त मामले की जांच कर सच्चाई के आधार पर दोषी के खिलाफ कारवाई करें।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए भाकपा माले समस्तीपुर जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 8 नवंबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। उन्होंने सांसद चौधरी की वायरल विडियो की चर्चा करते हुए कहा कि सांसद 6 नवंबर को पटना में अपने मंत्री पिता अशोक चौधरी एवं माता आदि के साथ वोट गिराने के बाद मिडिया से मुखातिब थी। इस दौरान पहले वे अपने दांये हाथ की स्याही लगी अंगूली दिखाई फिर मीडिया कर्मियों का ध्यान बांये हाथ की स्याही लगी अंगूली पर जाते ही अशोक चौधरी द्वारा इशारे को सांसद नहीं समझ सकी और तुरंत ही बांये हाथ की उंगली उठा दी। इस तरह से दो बार वोट गिराने का दोनों अंगूली में लगी स्याही की तस्वीर विडियो कैद होकर वायरल हो गया।
भाकपा माले नेता ने कहा है कि सांसद के दोनों हाथों की अंगुलियों पर लगी स्याही से सवाल उठता है कि क्या सांसद ने दो-दो बार मतदान की है? सांसद के इस करतूत को लोकतंत्र विरोधी फर्जी मतदान मानते हुए समस्तीपुर को शर्मशार करने वाला मामला बताते हुए उन्होंने चुनाव आयुक्त से जांच कर मामले का पर्दाफाश करने एवं सांसद पर कारवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र की पवित्रता किसी भी पद, व्यक्ति या राजनीतिक कार्ड से उपर है। दो जगह वोट गिराना सिर्फ सियासी आरोप नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। कहा कि हरेक नागरिक को केवल एक वोट का अधिकार है। चुनावी कदाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, बिहार में एक नई इबादत लिखने की राह में सबसे बड़ी बाधा है। चुनाव आयोग को इस असामान्य दृश्य की तुरंत व पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कारवाई कर लोकतंत्र में जनता का विश्वास कायम रखने की कोशिश करनी चाहिए।
कॉलेज के समीप के गड्ढे में मिला वीवीपैट का पर्ची
एक अन्य सूचना के अनुसार समस्तीपुर जिला के हद में सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र का वीवीपैट पर्ची 8 नवंबर को दोपहर एसआर कॉलेज के समीप गड्ढे में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने पर्ची मिलने के मामले को चुनाव आयोग के निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रक्रिया पर इसे प्रश्नचिन्ह बताते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कारवाई एवं मामले का पर्दाफाश करने की मांग चुनाव आयोग से की है।
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