रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सारथी – झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क और राज्य की अनेक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की ओर से गिरिडीह जिला के हद में भोगनाडीह में जस्ट ट्रांजिशन यात्रा का भव्य स्वागत गिरिडीह स्थित मानसरोवर होस्टल में किया गया। यह यात्रा झारखंड में हरित और समावेशी विकास की दिशा में सामुदायिक संवाद और समाधान की पहल है।
जानकारी के अनुसार इस दौरान अभिव्यक्ति फाऊंडेशन के कृष्णकांत ने कहा कि झारखंड के अन्य जिलों की तरह गिरिडीह भी जलवायु परिवर्तन की मार झेल रहा है। राजेश सिंहा ने कहा कि हमारे बीच अस्तित्व की लड़ाई है। यह यात्रा ऊर्जा के हरित विकल्पों की तलाश और समावेशी प्रतिनिधित्व की समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। यह समुदायों के साथ मिलकर जलवायु न्याय और सतत भविष्य की दिशा में संवाद की एक पहल है।

इस अवसर पर सुरेश शक्ति ने कहा कि यह यात्रा झारखंड के बोकारो सहित साहेबगंज, दुमका, जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी तथा रांची ज़िलों का भ्रमण करेगी। इस दौरान सारथी के मुन्ना झा ने कहा कि, यह यात्रा सिर्फ समस्याओं को उजागर नहीं करती, बल्कि उनके समाधान और वैकल्पिक रास्तों की तलाश भी करती है। कहा कि जस्ट ट्रांजिशन यात्रा झारखंड की समृद्ध आदिवासी परंपरा, संघर्ष और सांस्कृतिक धरोहर को नमन करते हुए, हमारे पुरखों के सामुदायिक हक और सतत विकास के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस दौरान पर्यावरण वीद गुलाब चंद्र, सहयोगिनी निदेशक गौतम सागर सहित वासुदेव पंडित, अशरफ, वीरेंद्र वर्मा, राजेश सिंहा, अनंत कुमार मंडल, ऋषिकेश, सुभाष चंद्र बोस, सत्यम, प्रतीक माधव, बेलाल, सिमरन, पायल कुमारी, नेपाल महतो, विलियम जैकब, सैयद रजी, अमीन अकेला आदि उपस्थित थे।
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