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बीमार दादा ने खाट पर तो केदार यादव ने भैंस पर चढ़कर पहुंचे मतदान केंद्र

गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को वैशाली जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में सम्पन्न हो गया। मतदान को लेकर जिले के मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया।

बताया जाता है कि प्रातः 7 बजे से ही वैशाली जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। खास यह कि इसबार पुरुषों से अधिक महिलाओं की भीड़ सभी मतदान केंद्रों पर देखी गई। संपन्न मतदान में महिलाओं ने बढ़-कर कर हिस्सा लिया।

वहीं वैशाली जिले में मतदान के दौरान अलग-अलग रंग देखने को मिला। मतदान केंद्र पर वरिष्ठ नागरिकों और बीमार मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र पर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी खासतौर से ध्यान दे रहे थे। वरिष्ठ मतदाताओं को लाइन से हटकर उनसे मतदान करवाया जा रहा था। वैशाली जिला के हद में लालगंज विधानसभा क्षेत्र के किरतपुर में एक बीमार दादा को उनके पोतों ने खाट सहित मतदान केंद्र तक पहुंचाया। बीमारी के बावजूद उनके दादा को मतदान करने की ललक थी, लेकिन चलने फिरने में असमर्थ होने की वजह से मतदान केंद्र तक जा नहीं पा रहे थे। उनकी इस इच्छा की पूर्ति खाट पर मतदान केंद्र पहुंचाकर उनके पोतों ने पूरी की।

इस दौरान वैशाली जिले के भगवानपुर से लोकतंत्र की एक अनोखी तस्वीर सामने आई। यहां किसान केदार यादव भैंस पर सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचे। यह दृश्य देख कुछ समय के लिए स्थानीय रहिवासी भी दंग रह गए। ज्ञात हो कि केदार प्रसाद यादव भगवानपुर क्षेत्र में राजा के नाम से चर्चित स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता है। ए अपने अनोखे कार्यों के लिए फेसबुक और सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहे हैं।

आज वे ब्लैक टी-शर्ट पहने हुए नीली चादर से सजी अपनी भैंस के ऊपर बैठ कर रतनपुरा स्थित मतदान केंद्र की ओर चले। काला चश्मा लगाए हुए एक हाथ में वोटर आईडी कार्ड ले रखा था। वहीं दूसरे हाथ में वोटर लिस्ट ओर डंडा लिए हुए दिख रहे थे। केदार ने भैंस की सवारी से बड़े ठाठ से जब मतदान केंद्र पहुंचे तो सबकी नजरे केदार पर ही टिकी रह गईं।
केदार ने मतदाताओं से मतदान करने की अपील भी की।

इस अवसर पर अपना मतदान करने के उपरांत केदार यादव ने बताया कि वोट डालने के लिए उन्हें कोई वाहन नहीं मिला, इसलिए उन्होंने किसान होने के नाते अपनी भैंस को ही सवारी बना लिया। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद लोकतंत्र का महापर्व आया है। आज गाड़ी-घोड़ा नहीं चल रहा, लेकिन वोट डालना जरूरी है। हम किसान हैं, भैंस पालते हैं, इसलिए उसी पर सवार होकर वोट देने आया हूं।उन्होंने क्षेत्र के मतदाताओं से भी अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में मतदान जरूर करें, क्योंकि यह हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है।

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