डीएवी कथारा में मनाई गयी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल कथारा में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। ज्ञात हो कि पूरा देश प्रत्येक वर्ष लौह- पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिवस के उपलक्ष में इस दिवस को मनाता रहा है। इस वर्ष राष्ट्र उनकी 150वीं जयंती मना रहा है।
समारोह की शुरुआत विद्यालय परिसर में प्रातः कालीन प्रार्थना सभा में सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। प्रार्थना सभा की सभी गतिविधियां सरदार पटेल पर ही आधारित थी। इस अवसर पर सभी गतिविधियों के पश्चात विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन- आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत मां के एक महान रत्न थे।

वे स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री थे। उन्होंने बताया कि देश की स्वतंत्रता के पश्चात लगभग 565 देशी रियासतें ऐसी थी जो ना भारत में विलय करना चाहती थी और ना ही पाकिस्तान में। वे स्वतंत्र रूप से रहकर अपना शासन चलाना चाहती थी। बतौर गृह मंत्री सरदार पटेल को यह मंजूर नहीं था। उन्होंने तथा प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने परामर्श कर कई रियासतों को भारत में शामिल होने के लिए तैयार कर लिया। जिन्होंने उनकी बात नहीं मानी, उन्हें यह चेतावनी दी गई कि यदि वे भारत में शामिल नहीं हुए तो भारतीय सेना अपने शस्त्र बल से उन्हें पराजित कर भारत में मिला लेगी। अंततः सभी ने भारत में शामिल होने का निर्णय लिया।
प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में हम जो भारत का यह नक्शा देख रहे हैं, वह लौह-पुरुष भारतरत्न सरदार पटेल की ही देन है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका तो निभाई ही, साथ ही साथ स्वतंत्रता के पश्चात भारत को एक पूर्ण स्वरूप भी प्रदान किया। उनका जीवन एवं दर्शन हम सभी के लिए अनुकरणीय होना चाहिए। विद्यार्थियों से यह अपेक्षा है कि वे सरदार पटेल की भांति ही देश की अखंडता और एकता की रक्षा करें। यही सरदार पटेल को सम्मान व सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मौके पर एंजेल कुमारी ने सरदार पटेल पर आधारित सुविचार, मुस्कान और अनम ने कविता, अनीशा और अनुष्का ने प्रश्नोत्तरी, वीरेंद्र और तौसीफ ने सरदार पटेल का जीवन वृत्त एवं विचार प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समस्त शिक्षक- शिक्षिकाएं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे। उक्त जानकारी विद्यालय के शिक्षक रंजीत सिंह तथा बी. के. दासौंधी ने दी।
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