गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिले में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आठों विधानसभा क्षेत्र में आगामी 6 नवंबर को मतदान होगा। सभी क्षेत्र में प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में प्रचार में व्यस्त है। जिले के महानार विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी विपिन कुमार राय उर्फ विपिन कुमार उर्फ विपिन सर अपने अनोखे प्रचार से मतदाताओं को आकर्षित कर रहे हैं।
वैसे तो वैशाली जिला के हद में महनार विधानसभा क्षेत्र में मुख्य मुकाबला महागठबंधन के राजद प्रत्याशी इंजीनियर रविंद्र कुमार और एनडीए के जड्यू प्रत्याशी उमेश कुशवाहा के बीच है। लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी विपिन कुमार अपने अनोखे चुनाव प्रचार से रहिवासियों के बीच चर्चा का केंद्र बन रहे हैं। आईए जानते हैं विपिन कुमार कौन है। बताया जाता है कि निर्दलीय उम्मीदवार सात लाख छात्रों को पढ़ाते है। स्वयं मात्र 12बी पास है कमाई 15 लाख। उम्मीदवार विपिन कुमार राय उर्फ विपिन कुमार व् विपिन सर विधानसभा क्षेत्र के सलहा पंचायत के मुखिया हैं।
सामान्य किसान परिवार में जन्मे विपिन कुमार राय की शिक्षा दीक्षा भैंस चराते हुए गांव के स्कूल में हुई। वैसे विपिन 12वीं पास है, लेकिन आज के तिथि में वे 7 लाख छात्रों के शिक्षक हैं। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित हिंदी प्रदेश के प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे युवकों को मैथ और जनरल नॉलेज की शिक्षा देते हैं। बिहार के चर्चित प्रतियोगिता परीक्षा के शिक्षक खान सर के वे मित्र है। विपिन राय ने उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की, लेकिन सरस्वती का इन्हें वरदान प्राप्त है। बहुत ही अच्छे तरीके से प्रतियोगी परीक्षा में शामिल रहे हो रहे छात्रों को मैथ के प्रश्न को चुटकियों में हल करना सिखाते हैं। मैथ मस्ती मैच मस्ती नाम से यूट्यूब चैनल के माध्यम से विद्यार्थी इनसे जुड़ते हैं।

मैथ मस्ती के चैनल पर 9 लाख के करीब इनके सब्सक्राइबर है। विपिन कुमार मुखिया नाम से जॉइन का यूट्यूब चैनल है। उस पर 13 लाख से अधिक फॉलोअर और सब्सक्राइबर हैं। फेसबुक पर उनके तीन लाख से ऊपर फॉलोअर है, जिन सब से विपिन कुमार को 15 लाख रुपया से अधिक की वार्षिक आय होती है। निर्दलीय प्रत्याशी यादव समाज से आते हैं और बिहार का यादव समाज आरजेडी से जुड़ा माना जाता है, लेकिन विपिन जात-पात से ऊपर उठकर विकास की बात करते हैं। शिक्षा की बात करते हैं सरकार में भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाते हैं। अपने पंचायत में मुखिया बनने के बाद एक मुखिया की हैसियत से जो भी पंचायत में काम हो सकता है, उसको इन्होंने किया है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर इनकी सरकारी अफसर से बराबर लड़ाई हो जाया करती है। ये अनोखे अंदाज में जनता को उनके अधिकार के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनके चुनाव प्रचार में प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े शिक्षक खान सर और अन्य भी उनके चुनाव प्रचार में आ रहे हैं। ये आम जनता को अपने बच्चों के भविष्य के लिए पैसे, मुर्गा और दारू पर वोट न देने की अपील कर रहे हैं। जिन सब का क्षेत्र में काफी प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन आम जनमानस अभी पुराने एनडीए और महागठबंधन के जाल में फंसा हुआ है। अगर इस तरह के प्रत्याशी हर क्षेत्र में आ जाए तो बिहार के राजनीति में बदलाव आना संभव होगा।
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