Advertisement

तेनुघाट अतिथिशाला में मंत्री व् डीसी ने की ओएनजीसी व् सीसीएल प्रतिनिधियों के साथ बैठक

एसओपी का पालन नहीं करनेवाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई-मंत्री

कंपनियां प्रभावित गांव में प्रदूषण मापक उपकरण लगाएं-डीसी

एस. पी. सक्सेना/ममता सिन्हा/बोकारो। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के तेनुघाट स्थित जल संसाधन विभाग के अतिथिशाला (गेस्ट हाउस) सभागार में 17 अक्टूबर को सूबे के मंत्री योगेंद्र प्रसाद तथा जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने ओएनजीसी व् सीसीएल प्रबंधन के साथ बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा समेत सीसीएल के विभिन्न इकाईयों एवं ओएनजीसी कंपनी के प्रतिनिधिगण शामिल हुए। बैठक में मुख्यतः 15 विन्दुओं पर गहन चर्चा की गयी।

जानकारी के अनुसार झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में 17 अक्टूबर को तेनुघाट गेस्ट हाउस सभागार में सीसीएल एवं ओएनजीसी के महाप्रबंधक, प्रबंधक व प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गयी। बैठक में बोकारो डीसी अजय नाथ झा, एसपी हरविंदर सिंह, एसी मो. मुमताज अंसारी, एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा, सीसीएल और ओएनजीसी के पदाधिकारी व प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न जनसमस्याओं से जुड़े 15 विन्दुओं पर मंत्री व् डीसी ने निर्देश दिया।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि कंपनियां अपने मानव बल (मैन पावर) की भर्ती के लिए स्थानीय नियोजनालय से संपर्क करें, ताकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके। उन्होंने सभी कंपनियों को राज्य सरकार द्वारा बनाए गए एसओपी का शत-प्रतिशत पालन करने का निर्देश दिया। कहा कि एसओपी का पालन नहीं करनेवाले अधिकारियों पर सरकार कार्रवाई करेगी। इसी क्रम में कोयला ढ़ुलाई कार्य में स्थानीय युवाओं व् विस्थापित परिवार के सदस्यों का वाहन इस्तेमाल में लाने, उन्हें रोजगार से जोड़ने की बात कहीं।

बैठक में जिला उपायुक्त ने कहा कि कंपनियां समस्याओं से भागें नहीं, बल्कि उनका सामना करें, उसका समाधान करें। उन्होंने कहा कि कंपनियां अपने – अपने क्षेत्र के प्रभावित गांवों को रेड और ऑरेंज जोन में बांटकर उनके लिए कार्य करें। उन्होंने बैठक में उपस्थित सीएसआर नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार को कंपनियों के कार्य क्षेत्र में प्रदूषण मापक उपकरण लगाने की कार्रवाई करने को कहा, ताकि पर्यावरण की स्थिति पर नजर रखी जा सके। बैठक क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि सीसीएल की सभी इकाइयां कथारा, ढ़ोरी और बीएंडके क्षेत्र आगामी एक माह में अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं का समाधान करें।

इन कार्यों की निगरानी एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा के नेतृत्व में गठित टीम करेगी। उन्होंने एसडीओ बेरमो को प्रति महीने अनुमंडल स्तर पर समन्वय समिति की बैठक आयोजित करने व स्थानीय समस्याओं के समाधान में पहल करने को कहा।
इस अवसर पर मंत्री ने सीसीएल और ओएनजीसी कंपनियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीन कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनियों से भी एसओपी का पालन सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यरत सभी श्रमिकों को पीएफ, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और बीमा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में विभिन्न कंपनियों द्वारा सीएसआर के तहत किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा की गयी। इस क्रम में मंत्री ने सभी योजनाएं जिला स्तरीय सीएसआर समिति से अनुमोदन के बाद ही सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि पिछले दिनों आयोजित बैठक में ही इस पर चर्चा करते हुए सभी कंपनियों को इस बाबत निर्देशित किया गया है। आगे सीएसआर की कोई भी योजना, कंपनियां जिला से अनुमोदन के बाद ही शुरू करेंगी। इससे परियोजनाओं की पारदर्शिता और सही दिशा में उपयोग सुनिश्चित होगा।

बैठक में मंत्री ने गोमिया प्रखंड के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी से प्रभावित झिरकी गांव में चल रही भूमिगत कोयला आग की समस्या पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि कंपनी इस आग को बुझाने की दिशा में सकारात्मक पहल करे। उपायुक्त ने सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार को पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे और मैपिंग कराने को कहा। भविष्य की क्या कार्ययोजना है उसका विस्तृत प्रतिवेदन आगामी 17 नवंबर तक जिला को समर्पित करने को कहा। इसी क्रम में सीसीएल क्षेत्र में विद्युतापूर्ति के लिए लगे जर्जर तार व् पोल को दुरूस्त करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष बीते माह बुटकी बाई सहित 41 अवार्डी मजदूरों का भूख हड़ताल, कोयला निकालने के उपरांत खदान के गड्ढों का समतलीकरण, प्रभावित विस्थापितों एवं अन्य गांवों में सीएसआर फंड से विकास कार्य, आउटसोर्सिंग कम्पनी द्वारा कार्य से नहीं बैठाने आदि के संबंध में चर्चा कर जरूरी निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और कंपनियां संयुक्त रूप से मिलकर क्षेत्र की भलाई के लिए काम करें तो ही क्षेत्र का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि, समस्याओं का समाधान सभी के सहयोग से ही हो सकता है। स्थानीय रहिवासियों को विकास का लाभ मिलना चाहिए। उनका नियोजन शत प्रतिशत सुनिश्चित करें। बैठक के बाद सभा स्थल के बाहर बैठे अवार्डी मजदूरों से मिलकर डीसी ने उनके नियोजन संबंधी मांग का एक माह में समाधान का आश्वासन दिया।

मौके पर उपरोक्त के अलावा एसडीपीओ बेरमो वशीष्ट नारायण सिंह, जिला भू अर्जन पदाधिकारी द्वारिका बैठा, अंचलाधिकारी गोमिया मो. अफताब आलम, बीडीओ महादेव महतो, चंदनकियारी सीओ रवि आनंद, बेरमो सीओ संजीत कुमार सिंह, बीडीओ पेटरवार संतोष महतो, सीओ अशोक राम सहित नावाडीह बीडीओ, चंद्रपुरा सीओ, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, झामुमो नेता जयनारायण महतो, मनोहर मुर्मू, मुमताज आलम, मो. मुर्शीद, काशीलाल तुरी सहित दर्जनों गणमान्य उपस्थिति थे।

ज्ञात हो कि उक्त बैठक से मीडिया कर्मियों को दुर रखा गया था। जिसके कारण उपस्थित मीडिया कर्मियों में नाराजगी झलक रहा था। बताया जाता है कि बैठक के बाद ओएनजीसी के सौजन्य से उपस्थित जनों के लिए दोपहर का भोजन की व्यवस्था की गयी थी। जिसके इंतजार उपस्थित जनों को घंटो करना पड़ा। और तो और आधे से अधिक जन बिना भोजन किए हीं लौट गये। यही नहीं बल्कि एसडीओ, बीडीओ व् सीओ को बगल में स्थित टूरिस्ट कॉम्पलेक्स में अपनी क्षुधा पूर्ति करना पड़ा।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *