सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। सारंडा मंडल के हद में बड़ाजामदा साप्ताहिक हाट में 16 अक्टूबर को आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सरना युवा मोर्चा के अध्यक्ष एवं आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के मंडल प्रभारी प्रफुल्ल महाकुड़ ने अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष सह पूर्व जिला पार्षद की अध्यक्षता में किया।
आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ता, दुकानदार और स्थानीय रहिवासी उपस्थित हुए। इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष सह पूर्व जिला पार्षद शंभू पासवान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत एक भारतीय पहल है, जिसका उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। यह पहल विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों, नवाचार और उद्यमिता को मजबूत कर भारत को एक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाना है।
यह कोविड 19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक है कि हम अपने जीवन में भारत में निर्मित वस्तुओं को अधिक से अधिक अपनाएं। कहा गया कि करोड़ों भारतीयों के साथ मिलकर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने से ही आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य पूरा हो सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला कार्यसमिति सदस्य अजीत सिंह, पूर्व सारंडा मंडल अध्यक्ष कैलाश दास, वरिष्ठ कार्यकर्ता मदन गुप्ता, गणेश गुप्ता, राजा तिर्की, राजेश ठाकुर, चितरंजन प्रधान, महेंद्र महाकुड़, अनुसूचित जनजाति प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मंगल सिंह गिलुवा एवं जिला कार्यसमिति सदस्य शिवकुमार गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी अपनाओ – देश को आत्मनिर्भर बनाओ का नारा गूंजता रहा और रहिवासियों ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
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