एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में ढोरी स्थित कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन में 15 अक्टूबर को दीपोत्सव का आयोजन किया गया। जिससे विद्यालय परिसर रोशनी से जगमगा गया।
जानकारी के अनुसार कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन के कक्षा अरुण से दशम तक के भैया बहनों ने अपने कक्ष के बाहर रंगोली बनाकर दीपो से कक्षा के द्वार को सजाया। भैया बहनों ने मिट्टी के दीए जलाकर स्वदेशी अपनाने और वातावरण को शुद्ध रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय सचिव धीरज कुमार पांडेय ने कहा कि दीपावली कई कहानियों और मान्यताओं के कारण मनाई जाती है, जिसमें सबसे प्रमुख है भगवान श्रीराम का 14 साल के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटना। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से रोशन किया था, जिससे यह दीपों का त्योहार कहलाया।

विद्यालय के आचार्य देवाशीष ओझा ने बताया यह देवी लक्ष्मी की पूजा, नरकासुर पर भगवान श्रीकृष्ण की जीत, जैन धर्म में भगवान महावीर के मोक्ष और सिख धर्म में गुरु हरगोविंद सिंह की रिहाई से भी जुड़ी है। दीप महोत्सव के दौरान कस्तूरबा विद्यालय दीपों से जगमगा उठा।
भैया बहनों ने पूरे प्रांगण को दीपों से सजाया और अंधकार पर प्रकाश की, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञानता पर ज्ञान की विजय का संदेश दिया। दीपोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने में देवाशीष ओझा, शैलेंद्र सिंह, दीपक कुमार, शिवपूजन सोनी, सूरज कुमार, जय गोविंद प्रमाणिक, मंतोष कुमार, राहुल कुमार, नित्यानंद मिश्रा, कुमार गौरव, शैलबाला कुमारी, प्रीति प्रेरणा सिंह, विभा सिंह, अनिता कुमारी, वीणा सिंह, नंदनी कुमारी, सुषमा कुमारी, निशा कुमारी, इंद्राणी कुमारी, सीमा कुमारी एवं कर्मचारी बंधु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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