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नई शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण जरूरी-महाप्रबंधक

डीएवी कथारा में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में झारखंड जोन-आई के सात विद्यालयों के शिक्षकों का दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। शुभारंभ बीते 11 अक्टूबर को क्षेत्र के महाप्रबंधक सह विद्यालय के स्थानीय प्रबंध समिति अध्यक्ष संजय कुमार द्वारा किया गया।

क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ वैदिक मंत्रों के बीच दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया, जिनमें स्वागत गान एवं झारखंड की संस्कृति को दर्शाता एक लोक नृत्य शामिल था।

इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विद्यालय के प्रांगण में झारखंड जोन-आई के सात विद्यालयों के लगभग 375 शिक्षक- शिक्षिका उपस्थित हैं, जो प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के हैं। सभी सीबीएसई के नियमों के तहत वर्ष में 50 घंटे के प्रशिक्षण के क्रम में एकत्रित हुए हैं। इन सभी को सामान्य एवं विषय विशेष दोनों का प्रशिक्षण लेना है।

जीएम ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत तीन बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया है। सबसे पहले इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षा रटन्त न होकर क्रियाकलाप आधारित होनी चाहिए। शिक्षा पद्धति में बदलाव आना चाहिए।तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा अनुभव आधारित होनी चाहिए। इन तीनों के पालन से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। कहा कि यह आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यहां उपस्थित सभी शिक्षकगण इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होंगे और अपने-अपने विद्यालयों में जाकर यहां सीखी गई तकनीकों का प्रयोग कर विद्यार्थियों का बहुर्मुखी विकास करेंगे। कहा कि यदि बच्चों का विकास होगा तो देश का विकास होगा।

समारोह के विशिष्ट अतिथि कथारा कोलियरी के प्रभारी परियोजना पदाधिकारी कृष्ण मुरारी ने कहा कि डीएवी सिर्फ शिक्षा ही नहीं देता, विद्यार्थियों में संस्कार का भी बीजारोपण करता है। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र के बच्चे शिक्षित और संस्कारवान हों, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड के प्रत्येक क्षेत्र में डीएवी विद्यालयों की स्थापना की गई है।

विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन -आई के क्षेत्रीय सहायक पदाधिकारी डॉ जी.एन.खान ने स्वागत भाषण में कहा कि वे महाप्रबंधक एवं प्रभारी परियोजना पदाधिकारी का आभारी है कि उन्होंने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों में से हमारे लिए समय निकालकर हमें अनुग्रहित किया है। उन्होंने जोन -आई के सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों की तरफ से उपरोक्त दोनों पदाधिकारियों का आभार जताया।

प्राचार्य ने कहा कि क्षेत्रीय व् स्थानीय पदाधिकारियों का कुशल नेतृत्व एवं सहयोग हमेशा विद्यालय को मिलता रहे ऐसी वे आशा करते है। प्राचार्य ने उपस्थित सात विद्यालयों के प्राचार्यों जिनमें डीएवी स्वांग की प्राचार्या डी. बनर्जी, डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा, डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तापस बनर्जी, डीएवी ढोरी के प्राचार्य अमिताव दास गुप्ता, डीएवी भंडारीदह के प्राचार्य रितेश कुमार तथा डीएवी दुग्दा के प्राचार्य पीके पॉल एवं विषय विशेषज्ञों का भी विशेष तौर पर अभिनंदन किया।

इस अवसर पर डीएवी बोकारो सेक्टर 6 की प्राचार्या अनुराधा सिंह, डीएवी खलारी के प्राचार्य डॉक्टर कमलेश प्रसाद, डीएवी गुमला के प्राचार्य डॉक्टर आरके साहू भी उपस्थित थे, जिन्हें प्राचार्य ने विशेष तौर पर साधुवाद दिया। समस्त कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर एस मिश्रा, रंजीत कुमार सिंह, जितेंद्र दुबे, बीके दसौंधी, संगीत कुमार, आराधना, वीणा कुमारी, खुशबू कुमारी, ममता कुमारी, ओशीन, आशा सहित समस्त विद्यालय परिवार की सराहनीय भूमिका रही।

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