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आयोजन समिति के निर्देशन में लुगुबूरू महोत्सव का होगा आयोजन-उपायुक्त

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। आगामी 3, 4 एवं 5 नवंबर को बोकारो जिला के हद में ललपनिया में आयोजित होने जा रहा लुगुबूरू घंटाबाड़ी धरोमगढ़ महोत्सव इस वर्ष पहले से कहीं अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित होगा।

लुगुबूरू महोत्सव को लेकर ललपनिया स्थित श्यामली गेस्ट हाउस सभागार में 9 अक्टूबर को बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा एवं पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने पूजा आयोजन समिति के सदस्यों, जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न कंपनी प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, एनडीसी प्रभाष दत्ता, डीटीओ मारूति मिंज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, जिला योजना पदाधिकारी राज शर्मा, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियूष आदि उपस्थित थे। जिसमें महोत्सव की रूप रेखा पर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी को अहम निर्देश दिया गया।

मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि उपरोक्त महोत्सव का आयोजन स्थानीय आयोजन समिति के निर्देशन और प्रशासनिक सहयोग से किया जाएगा। कहा कि यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आदिवासी समाज की सांस्कृतिक एकता, पहचान और परंपरा का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के इस ऐतिहासिक आयोजन में हिस्सा ले सकें और उन्हें एक बेहतर अनुभव प्राप्त हो।

उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों यथा एसडीओ बेरमो, बीडीओ – सीओ गोमिया तथा विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार पूजा आयोजन समिति के संपर्क और मार्गदर्शन में रहें। उन्होंने कहा कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक, तकनीकी और सामुदायिक स्तर पर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझनी होगी, ताकि तैयारी में कोई कमी न रह जाए। इसके लिए महोत्सव स्थल पर नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी।

उपायुक्त ने कहा कि इस आयोजन में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसलिए प्रशासन का प्रयास रहेगा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने निर्देश दिया कि पवित्र पहाड़ी स्थल तक जाने वाले सभी मार्गों की मरम्मत, सफाई और प्रकाश व्यवस्था समय पर पूरी की जाए। साथ ही, प्रमुख स्थलों पर साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और विश्राम स्थल बनाए जाएं, ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सके।

ट्रैफिक मैनेजमेंट और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान

महोत्सव के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन इस महोत्सव की सफलता का महत्वपूर्ण पहलू है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात प्रवाह, पार्किंग जोन, एंट्री और एग्ज़िट रूट्स की डिटेल मैपिंग की जाए। एसडीओ चास प्रांजल ढ़ंडा को इसकी निगरानी का दायित्व सौंपा गया। महोत्सव के दौरान अतिथियों, श्रद्धालुओं, पुलिस बल और स्वयंसेवकों के लिए टेंट सिटी, आवासन सुविधा और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।

आवश्यकतानुसार विभाग अस्थायी कैंप कार्यालय भी खोलेंगे, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके। उपायुक्त ने पीएचईडी, विद्युत और नगर निगम चास/नगर परिषद फुसरो को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे पेयजल, बिजली, शौचालय और सफाई व्यवस्था की अग्रिम योजना बनाकर पर्याप्त संख्या में व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि महोत्सव स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कमी महसूस नहीं हो। विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्याप्त संख्य में शौचालय और विश्राम स्थल बनाए जाने की बात कही।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित होगा मोहत्सव-उपायुक्त

उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष का पूरा महोत्सव दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित होगा। उनके योगदान और नेतृत्व को श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजन समिति द्वारा चिन्हित स्थल पर टेराकोटा से निर्मित प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक बनेगी। आगे, दिसंबर माह तक उनका स्थायी आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।

महोत्सव को नए आयामों पर ले जाने के उद्देश्य से इस बार कई विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिनमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रदर्शन, साहित्यिक परिचर्चा और प्रदर्शनी शामिल हैं। उद्घाटन एवं समापन समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवी संगठनों को जोड़ा जाएगा। आदिवासी समाज की भाषा, पहनावा, कला और लोकगीतों की झलक इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। महोत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुविधा के लिए सूचना सहायता और स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि पहाड़ तथा नीचे, विभिन्न स्थलों पर एम्बुलेंस, डॉक्टर और प्राथमिक उपचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

जगह जगह मेडिकल टीम प्रतिनियुक्त रहेगी। बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा एवं पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि लुगुबूरू घंटाबाड़ी धरोमगढ़ महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, एकता और परंपरा का उत्सव है। प्रशासन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ यह सुनिश्चित करेगा कि श्रद्धालुओं और अतिथियों को हर संभव सुविधा मिले।

हम सब मिलकर इस आयोजन को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में स्थापित करेंगे। वहीं, पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि महोत्सव के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। भीड़ नियंत्रण, यातायात निगरानी, ड्रोन कैमरा से निगरानी तथा आपात स्थिति के लिए संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। पेट्रोलिंग टीम के माध्यम से पूरे क्षेत्र की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। श्रद्धालु निश्चिंत होकर अपनी आस्था और परंपरा के इस महोत्सव में हिस्सा लें।

उधर, डीसी एवं एसपी समेत अन्य पदाधिकारियों ने चिन्हित पार्किंग स्थलों का क्रमवार जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया। मौके पर सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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