एस. पी. सक्सेना/बोकारो। विजया दशमी के अवसर पर बीते 2 अक्टूबर की संध्या बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन मैदान में भव्य रावण दहन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त अजय नाथ झा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मौके पर एसपी हरविंदर सिंह, सहायक रेल प्रबंधक (एआरएम) बोकारो विनीत कुमार, चास एसडीओ प्रांजल ढ़ांडा आदि उपस्थित रहे।
बताया जाता है कि ज्यों ही सूर्य अस्त हुआ, रावण के ऊंचे पुतले में अग्नि प्रज्वलित की गई, जिससे पूरा रेलवे मैदान आतिशबाजी की रंगीन रोशनी और जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। आकाश में छूटते हीं आतिशबाजी के फूल जैसे हर हृदय में भक्ति और उल्लास का दीप प्रज्वलित कर रहे हों।
इस अवसर पर जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिलावासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रावण का अंत केवल एक व्यक्ति का अंत नहीं था। वह महान ज्ञानी था, किंतु अपने ज्ञान पर अहंकार कर बैठा। उसके ज्ञान में परोपकार का भाव नहीं था, बल्कि अहंकार से भरा हुआ था। वह देवधि देव महादेव का बड़ा भक्त था, पर उसकी भक्ति में संयम और परोपकार का समावेश नहीं था।
वह अपार शक्ति का धनी था, परंतु उस शक्ति में संरक्षण का भाव नहीं था। उन्होंने कहा कि रावण का अंत हमें यह सिखाता है कि ज्ञान, शक्ति और भक्ति का उपयोग केवल व्यक्तिगत गौरव के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित, विकास, संरक्षण और आगे ले जाने के लिए करना चाहिए। इसी भाव को हमें आत्मसात करना है और अपने जीवन में उतारना है। यह पर्व हमें एक जुट होकर समाज व राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
मौके पर पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने आम जनों से अपील की कि इस पर्व की भावना को जीवन में उतारकर बुराई, नशा, हिंसा और कटुता जैसे रावण को अपने अंदर से समाप्त करें तथा समाज में भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाएं। एआरएम विनीत कुमार ने कहा कि विजयादशमी की भावना को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं रखें, आमजन इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दें। चास एसडीओ प्रांजल ढ़ांडा ने भी आम जनों को विजय दशमी की शुभकामनाएं दी। मौके पर उपस्थित जनों तथा आयोजन समिति के सदस्यों ने मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच एक दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी।
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