ऊमस से अनशनकारियों की हालत खस्ता, माले द्वारा ताबड़तोड़ आंदोलन का ऐलान
रजिस्टर टू में हेराफेरी के जिम्मेवार पर फर्जीवाड़ा का एफआईआर दर्ज हो-सुरेंद्र
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में शाहपुर बघौनी पंचायत के रजिस्टर टू में रैयत का नाम घेरकर नया रैयत का नाम जोड़कर जमीन बेचवाने एवं सुधार करने की मांग को अनसुना करने के खिलाफ भाकपा माले के बैनर तले ताजपुर अंचल-प्रखंड कार्यालय पर बीते 24 सितंबर से शुरू अनिश्चितकालीन आमरण अनशन दूसरे दिन 25 सितंबर को भी जारी रहा। अनशनकारी शहवाज तौहीदी, वसाम तौहीदी एवं मुखलिस तौहीदी द्वारा अंचल-प्रखंड कार्यालय पर शुरू आमरण अनशन ऊमस भरी गर्मी में हालत बिगड़ने एवं प्रशासन द्वारा सुधी नहीं लेने के खिलाफ आक्रोशित भाकपा माले ने ताबड़तोड़ आंदोलन की घोषणा की गयी।
बताया जाता है कि माले द्वारा इसके तहत 26 सितंबर को 12 बजे से प्रतिरोध मार्च निकालने, 27 सितंबर को 12 बजे से अंचल प्रशासन का अर्थी जुलूस निकालने, 28 सितंबर को शाम 5 बजे मशाल जुलूस निकालने, 29 सितंबर को 12 बजे से अंचल कार्यालय में तालाबंदी करने, 30 सितंबर को 12 बजे से नेशनल हाईवे हड़ताल करने समेत आधे दर्जन आंदोलन चलाने की घोषणा की गयी है।

ज्ञात हो कि 25 सितंबर को माले द्वारा अनशन स्थल पर एक सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने किया। सभा को प्रभात रंजन गुप्ता, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, मो. एजाज, आसिफ होदा, मो. कयूम, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, मनोज साह, मो. नेयाज, मो. नासीर, अरशद अली, मो. मिनहाजुल हक, फैयाज तौहीदी, संजीव राय आदि ने संबोधित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अंचल में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि सबसे सुरक्षित समझे माने जाने वाले भू-अभिलेख रजिस्टर टू में हेराफेरी कर दिया जाता है। अब किसी की जमीन पूर्णरूपेण सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने शाहपुर बघौनी वार्ड क्रमांक 11 का उदाहरण देते हुए कहा कि अंचल में जमा रजिस्टर टू के जमाबंदी क्रमांक 75-76 में दर्ज नाम सालिम तौहीदी के जगह मोहम्मद वगैरह एवं पिता का नाम अब्दुल रहीम के जगह मोहीबुल हक जोड़कर जमीन बेचवाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया।
अंचल में हेराफेरी का ऐसा अनेकों मामला है। कहा कि अंचलाधिकारी को संज्ञान में दिए जाने के बाद भी सुधार करने में आनाकानी किया जाता है। अंचल कार्यालय में भू-माफिया का कब्जा है। बिना पैसा-पैरवी का एक काम भी नहीं होता है। इसके खिलाफ संघर्ष ही एक मात्र रास्ता बचा है और भाकपा माले गांधी- अंबेडकर के सत्याग्रह आंदोलन के रास्ते को आगे बढ़ाकर लूटेरा-माफिया-भ्रष्ट अधिकारी गठजोड़ को शिकस्त देगी।
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