सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 22 सितंबर को चौथे दिन भी जारी रहा, जिससे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लग गया है। रहिवासियों के अनुसार क्षेत्र में साफ सफाई नहीं होने से लगे गंदगी के कारण जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बताया जाता है कि झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के बैनर तले चल रहे सफाई कर्मियों के हड़ताल से गुवा शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। गुवा सेल अस्पताल, जनरल ऑफिस, कॉलोनियों, बाजार और मुख्य सड़कों पर जगह-जगह कचरे का ढेर लग गया है, जिससे रहिवासियों तथा राहगीरों का आना-जाना कठिन हो गया है। तेज धूप और उमस में गंदगी से बदबू फैलने लगी है और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मियों की मांग हैं कि वे लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे हैं। वे नियमितीकरण, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी, समय पर वेतन भुगतान और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन बार-बार आश्वासन देता है, लेकिन ठोस पहल नहीं की जाती है। वही सेल प्रबंधन का कहना है कि हड़ताल से कार्य और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। प्रबंधन ने बातचीत से समाधान निकालने की बात कही है, लेकिन कर्मी अपनी मांगें पूरी होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।

गुवा के स्थानीय रहिवासियों ने गंदगी और दुर्गंध से हो रही परेशानी पर चिंता जताई है। रहिवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। इस संबंध में गुवा सेल अस्पताल के सीएमओ डॉ अशोक कुमार अमन से बातचीत में उन्होंने कहा कि दो-तीन सफाई कर्मियों को अस्पताल परिसर में सफाई के लिए बुलाया गया, परंतु यूनियन के अधिकारियों ने सफाई कर्मियों को सफाई करने से साफ-साफ मना कर दिया।
कहा कि अस्पताल परिसर में गंदगी के कारण मरीजों का इलाज करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पर रहा है। सफाई नहीं होने के कारण विभिन्न तरह के बीमारी पनपने का खतरा बना रहता है। बताया गया कि इसकी सूचना सेल प्रबंधन को दे दी गई है।
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