सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रभात तारा व् सर्वाधिक प्रतिभागिता के लिए नॉर्थ प्वाईंट पुरस्कृत
एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। प्रसिद्ध उपन्यासकार व् कहानीकार प्रेमचंद जयंती समारोह समिति की ओर से 21 सितंबर को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह जिला स्कूल मुजफ्फरपुर के सभागार में आयोजित किया गया था।
आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अवकाश प्राप्त शिक्षक ब्रह्मानंद ठाकुर ने कथाकार प्रेमचंद को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के बच्चों को प्रेमचंद साहित्य से जोड़ने का मुख्य उद्देश्य उनमें सामाजिक समझ विकसित करना है। जिससे उनमें संबंधों, रिश्तों, सामाजिक – सांस्कृतिक जिम्मेवारियों एवं उनकी जरुरतों की समझ विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद द्वारा लिखित कहानी ईदगाह के हामिद को जो समझ थी, उसने मेले में ललचाई नजरों से सबकुछ देखा जरूर लेकिन खरीदा क्या तो अपने दादी के लिए चूल्हे पर रोटी सेंकने वाला चिमटा।
जिससे उसकी दादी का हाथ न झुलसे। यह घटना आज के पीढ़ी के बच्चों के बीच कई संदेश छोड़ता है। अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार ने समिति के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध चित्रकार प्रो. विमल विश्वास ने कार्यक्रम को बच्चों के लिए रचनात्मक एवं सार्थक प्रयास बताया।
यहां बच्चों की संस्था किलकारी की ओर से बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। काव्य पाठ एवं गीत एकल के सभी ग्रुपों के प्रथम आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। वहीं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार मुजफ्फरपुर के प्रभात तारा स्कूल एवं सर्वाधिक प्रतिभागिता का पुरस्कार नॉर्थ प्वाइंट चिल्ड्रेंस स्कूल को मिला। आयोजित प्रतियोगिता में 1200 बच्चों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 230 सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शशि भूषण चौधरी ने किया।
सफल प्रतिभागियों को डॉ कुमार विरल, जानकी नंदन शर्मा, महफूज अहमद आरिफ, नीतीश्वर कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रमोद कुमार, डॉ आरती कुमारी, उदय नारायण सिंह, डॉ सुमित्रा कुमारी, अली अहमद मंजर, रामप्रीत राय, उदय नारायण सिंह, कवियित्री सविता राज, डॉ मीरा कुमारी, श्रवण कुमार, कुंदन कुमार, रॉबिन रंगकर्मी, अनिल कुमार अनल, सुमन कुमार मिश्रा, चांदनी समर, दीपमाला, निर्मल कुमार, डॉ शेफाली, डॉ रचना मिश्रा, आलम सिद्दीकी, डॉ पंकज कर्ण, डॉ उमूल फातिमा, डॉ रचना मिश्रा, डॉ ज्योति कुमारी, शिवानी ब्रजनेश आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आशुतोष कुमार, अरविंद कुमार, शिव कुमार, विजय कुमार, अभिषेक कुमार, श्वेता कुमारी, कुमोद राम, शिव बालक कुमार, राजेश कुमार आदि ने महती भूमिका निभाई।
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