एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कहानिका हिंदी पत्रिका झारखंड के महाराष्ट्र अध्याय द्वारा हिन्दी पखवाड़ा दिवस पर 21 सितंबर को गूगल मिट पर एक आभासी कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मंच संचालन बोकारो की कवियित्री शीला तिवारी ने की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सेवा सदन प्रसाद मुंबई, सभा अध्यक्ष दिलीप कुमार कसबे मुंबई, विशिष्ट अतिथि के रूप में जय कृष्ण मिश्रा अंतर्राष्ट्रीय संयोजक दुबई, सुधीर कुमार श्रीवास्तव केंद्रीय मीडिया प्रभारी और संयोजक सह प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने भाग लिया।
आभासी कवि सम्मेलन का शुभारंभ 21 सितंबर की संध्या लगभग छह बजे किया गया।
यहां मुख्य अतिथि सदन ने हिंदी के विकास व् प्रचार प्रसार और साहित्यकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। सभाध्यक्ष दिलीप कुमार ने हिंदी के उत्थान, पतन और इतिहास के अलावा गुजरे जमाने के साहित्यकारों के योगदान के बारे में विस्तार से बताया। विशिष्ट अतिथि जय कृष्ण मिश्रा ने दुबई में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जिंदा रखने के अपने प्रयासों के बारे में बताया। साथ हीं उन्होंने कहा कि दुबई में भी वे सभी हिंदी के प्रचार प्रसार में अनवरत प्रयासरत है।
संयोजक सह प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने संस्था के पूर्व और भावी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संस्था हिंदी के प्रचार प्रसार और विस्तार हेतु लगातार साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रही है। इस कड़ी में देश के कई राज्यों में ऑफलाइन कवि सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या, हरिद्वार, वाराणसी, इंदौर, मैहर, चित्रकूट, रांची और काठमांडू नेपाल में सफल आयोजन किया गया।
कहा कि ईडी कड़ी में आगामी 12 अक्टूबर को ओडीशा के जगन्नाथपुरी, 16 नवंबर को बिहार की राजधानी पटना, 30 नवंबर को महाराष्ट्र के मुंबई और 14 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कवि सम्मेलन होने जा रहा है।
प्रधान संपादक भारती ने बताया कि संस्था का प्रथम विदेश में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन अगले वर्ष 10 जनवरी 2026 को दुबई में होने जा रहा है। उसी प्रकार प्रकाशन के क्षेत्र में लगातार एकल और साझा काव्य और गद्य संकलन का प्रकाशन किया जा रहा।
जिसमें ऑपरेशन सिंदूर काव्य संकलन का प्रकाशन किया जा रहा है। कहा कि साहित्यिक प्रतियोगिताओं में लघु कथा लेखन, कहानी लेखन और काव्य पाठ वीडियो प्रतियोगिता का प्रारंभ 22 सितंबर से किया जा रहा है, जिसमें देश विदेश के साहित्यकार भाग लेंगे। कहा कि सभी चयनित प्रतिभागियों को फरवरी 2026 में झारखंड की राजधानी रांची में सम्मानित किया जाएगा।
आभासी कवि सम्मेलन में मुख्य रूप से डॉ विनीता पांडेय विनीत, (जबलपुर), रेखा नेमा सिवनी (मध्यप्रदेश), डॉ दीप्ति खरे, मंडला (मध्य प्रदेश), डॉ दीप्ति गौड़ दीप ग्वालियर (मध्यप्रदेश). दिवाकर पाठक हजारीबाग (झारखंड), निर्मला कर्ण रांची (झारखंड), पुष्पा पांडेय रांची (झारखंड), कल्पना झा बोकारो (झारखंड), जय कृष्ण मिश्रा (दुबई), श्याम कुंवर भारती बोकारो (झारखंड), सुधीर कुमार श्रीवास्तव बस्तीआदि।
(यूपी), मांगी लाल मरमिट जसपुर (एमपी), सेवा सदन प्रसाद मुंबई (महाराष्ट्र), दिलीप कसबे सतारा (महाराष्ट्र), शीला तिवारी बोकारो (झारखखंड), वंदना श्रीवास्तव खारगढ़ मुंबई (महाराष्ट्र), कृष्ण कुमार गुप्ता पुणे (महाराष्ट्र), सुनिता अग्रवाल रांची (झारखण्ड) आदि शामिल थे, जिन्होंने एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट कविता पाठ की।
कार्यक्रम में मंच संचालन शीला तिवारी, सरस्वती वंदना डॉ विनीता पांडेय विनीत, कवि मॉंगी लाल, वंदना श्रीवास्तव, गणेश वंदना शीला तिवारी, देवी गीत श्याम कुंवर भारती, स्वागत गीत गुड़िया कुमारी गौतम, स्वागत भाषण शिला तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन श्याम कुंवर भारती ने किया। उक्त जानकारी कहानिका हिन्दी पत्रिका की केंद्रीय सूचना प्रभारी शिखा गोस्वामी निहारिका ने दी।
![]()













Leave a Reply