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रिंग बांध बनाओ संघर्ष समिति ने पीएम के नाम एसडीएम को सौंपा मांग-पत्र

गंगाजल से सबलपुर होते हरिहरनाथ तक रिंग बांध नहीं बना तो होगा जबर्दस्त आंदोलन

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर अंचल के सात पंचायत को कटाव से बचाव के लिए रिंग बांध बनाओं संघर्ष समिति ने 18 सितंबर को सोनपुर अनुमंडल मुख्यालय में धरना – प्रदर्शन आयोजित किया। धरना के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित मांग -पत्र सोनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित कार्यपालक दंडाधिकारी रामजी पासवान को सौंपा।

रिंग बांध बनाओं संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में जेपी सेतु रेल सह सड़क पुल की पूर्ण सुरक्षा के लिए निर्मित रिंग बांध (बोल्डर- पिचिंग) के प्राक्कलन डिजाईन के अनुरूप गंगाजल से सबलपुर होते काली घाट तक विस्तारित रिंग बांध निर्माण की मांग की गयी है। इस बाबत समिति ने अनुमंडल कार्यालय परिसर में जगह नहीं रहने के कारण सोनपुर अंचल कार्यालय प्रागंण में धरना – प्रदर्शन किया।

ज्ञापन में पीएम से गंगा जल से पहलेजा शाहपुर, नजरमीरा, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर मध्यवर्ती, सबलपुर पूर्वी होते काली घाट (हरिहरनाथ मंदिर) तक रिंग बांध निर्माण की मांग की गई है। कहा गया है कि सोनपुर अंचल के सात पंचायतों की लगभग 60 वर्ग किलोमीटर भूमि में गंगाजल, पहलेजा शाहपुर, नजरमीरा एवं सबलपुर के चार पंचायत की 3.25 (सवा तीन लाख) से अधिक की आबादी है। जिसमें लगभग 35 हजार घर है, जो सभी आधारभूत संरचना से सुसज्जित है।

जिनकी कीमत लगभग अरबों रूपये होगी। इसके अलावा सरकार के भी बहुत आधारभूत संरचना यहां बने है जिसमें सड़क, स्कूल, पोस्ट ऑफिस, अस्पताल, पंचायत भवन, समुदायिक भवन, स्टेट बोरिंग, पुस्तकालय, वाचनालय, बिजली, कॉलेज तथा रेलवे का हजारो एकड़ भूमि पहलेजा शाहपुर में स्थित है जो हर साल कटाव से कटता रहता है।

यह भी कहा गया है कि यहां हर साल कटाव से बचाव के लिए तत्काल राहत कार्य पर सरकार करोड़ो रूपये खर्च करती है, परन्तु कटाव की समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे निजात पाने का एक ही रास्ता है रेलवे द्वारा बनाया गया रेल-सह-सड़क पुल (जेपी सेतु) की सुरक्षा में बनाया गया रिंग बांध की डिजाईन प्राक्कलन का विस्तार कर गंगाजल से पहलेजा शाहपुर, नजरमीरा, सबलपुर में चारो पंचायत होते काली घाट सोनपुर तक रिंग बांध का निर्माण कर कटाव से पूर्ण रूप से मुक्त करना। जिससे इस क्षेत्र की हजारों एकड़ जमीन जो कृषि एवं व्यवसायिक रूप से उपलब्ध होगी, जिसपर उद्योग एवं शहर बसाया जा सके।

यह भी जानकारी दी गई है कि रिंग बांध के विषय को लेकर वर्ष 2016, 2017, 2018 में बड़ा आन्दोलन किया गया था। फलस्वरूप केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का आगमन एवं आश्वासन के बाद कटाव निरोधक कार्य जियो बैग से किया गया जो असफल साबित हुआ। इस समस्या का एक ही समाधान रिंग बांध ही है।

रिंग बांध बनाओं संघर्ष समिति ने अपने मांग पत्र में यह भी कहा है कि वे सरकार को रिमाइन्डर के रूप में ज्ञापन देते है कि यदि रिंग बांध का निर्माण यथा शीघ्र नहीं हुआ, तो अपने घर से बेघर होने वाली जनता एक बड़े आन्दोलन करने को कृत्य संकल्पित होगी।

रिंग बांध सर्वेक्षण रिपोर्ट लंबित

मांग पत्र में पीएम को जानकारी दी गई है कि मुख्य अभियंता बाढ़ नियंत्रक विभाग गोपालगंज के पत्रांक- 2383 दिनांक- 16.07.2019 द्वारा गठित अभियन्ता के टीम द्वारा स्थलीय जांच कर पहलेजा घाट से गंगाजल, पहलेजा शाहपुर, नजरमीरा, सबलपुर चारो पंचायत होते कालीघाट (हरिहरनाथ) तक रिंग बांध निर्माण हेतु सर्वेक्षण किया गया जो सरकार के यहां लम्बित है। मांग -पत्र पर रिंग बांध बनाओं संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व मुखिया धर्मेन्द्र कुमार राय का हस्ताक्षर है।

 

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