बीते 8 वर्षों के प्रयास से प्रमोद को न्याय मिला-अजय
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोल वाशरी में हेड सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत प्रमोद यादव पे प्रोटक्शन के लाभ से वर्ष 2017 से वंचित थे। सीसीएल मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश के आलोक में वर्ष 2017 से ही पे प्रोटेक्शन का लाभ दिया जाना सुनिश्चित करना था। बावजूद इसके श्रमिक के साथ परेशानी का आलम यह था कि प्रबंधन द्वारा कभी कथारा वाशरी, कथारा कोलियरी तो कभी महाप्रबंधक कार्यालय यूनिट में स्थानांतरण होने के कारण प्रमोद यादव को लंबा समय तक पे प्रोटक्शन के लाभ से वंचित रहना पड़ा।
प्रताड़ित प्रमोद ने अपने मामले को इंटक से संबद्ध आरसीएम्यू के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह के संज्ञान में देते हुए अपनी पीड़ा को बताया। सिंह द्वारा यूनियन के माध्यम से क्षेत्रीय प्रबंधन एवं परियोजना प्रबंधन को अधिकार से वंचित कामगार की परेशानियों को रखते हुए प्रबंधन से न्याय दिए जाने के लिए पुरजोर प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप बीते अगस्त माह के वेतन भुगतान के साथ सितंबर माह में पीड़ित कर्मचारियों को नया वेतनमान के तहत पैसा का भुगतान किया गया। वहीं एक वर्ष का एरियर का भी भुगतान किया गया। बचे हुए कुछ वर्ष का जल्द ही एरियर भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।
इस संदर्भ में श्रमिक नेता अजय कुमार सिंह ने 10 सितंबर को कहा कि आज भी बहुत से मजदूर अपने मौलिक अधिकार से वंचित है। यूनियन उनकी मांगों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के लिए कटिबद्ध है। किसी भी स्थिति में मजदूरों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रमोद को मिले न्याय से उत्साहित होकर उसने क्षेत्रीय प्रबंधन के प्रति आभार जताते हुए यूनियन के प्रयास के लिए भी सराहना की।
इस अवसर पर महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि प्रबंधन और श्रमिक के बीच ट्रेड यूनियन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कहा कि ट्रेड यूनियन निरंतर मजदूरों के सही मांगों को रखते हुए उसके निराकरण के लिए पहल करती है। जो कुछ मामले प्रबंधन के संज्ञान में नहीं होते हैं वह यूनियन द्वारा लाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन का धर्म बनता है कि न्याय संगत प्रक्रिया के तहत श्रमिकों को समय सीमा के तहत न्याय मिल सके। इसका प्रबंधन को भी ख्याल रखने की जरूरत है।
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