झामुमो सरकार में शासन के नाम पर चल रहा है दोहन व् रंगदारी का काम-अर्जुन मुंडा
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, भाजपा जिलाध्यक्ष संजू पांडेय तथा वरीय भाजपा नेता जेबी टुबिड द्वारा 8 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा स्थित शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी।
शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत गुवा शहीद स्थल से मुख्य बाजार का दौरा कर जन समस्याओं की जानकारी ली गई। इस अवसर पर साई इंटरप्राइजेज के अध्यक्ष शत्रुघ्न मिश्रा द्वारा अंग वस्त्र प्रदान कर आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि वर्ष 1929 से लगातार झारखंड राज्य को अलग करने के लिए आंदोलन किया जाता रहा है। कहा कि आंदोलन के उपरांत झारखंड अलग राज्य बना। भाजपा की सरकार बनी एवं राज्य का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत एवं कांग्रेस के कार्यकाल में यहां आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई। जल, जंगल एवं जमीन से जुड़ी उक्त आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया। परिणाम स्वरुप निरीह आदिवासियों की हत्या हुई। कहा कि गुवा गोली कांड के आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई। इस तरह के अन्य कई आंदोलन भी हुई है, जिसके शहीदों को सम्मान मिलना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री मुंडा ने वर्तमान झारखंड की झामुमो सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र के आंदोलनकारी को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। कहा कि राज्य में कई तरह के खरीद परोख के कार्य सरकार के नाक नीचे चल रही है। जिसकी अनदेखी हो रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही सरकार को इस पर अंकुश लगानी चाहिए।
मुंडा ने कहा कि सिर्फ चमक दमक से आन्दोलनकारियों को सम्मान नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने राज्य के आदिवासियों को जमीन से लगाव रहा है।आदिवासियों को जमीन से अलग करने का मतलब उनका अस्तित्व कट जाएगा। जंगल को बचाने के लिए जंगल आंदोलन की गई थी।वर्तमान में जल, जंगल, जमीन को सुरक्षित करना है। झारखंड सरकार की संवैधानिक व्यवस्था काम नहीं कर रही है। वर्तमान झामुमों की सरकार मे शासन के नाम पर दोहन एवं रंगदारी का काम चल रहा है।जन समुदाय को सजग रहकर वर्तमान झारखंड सरकार के कार्यकलापों पर निगरानी रखनी चाहिए।
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