एस. पी. सक्सेना/बोकारो जिला के हद में नावाडीह प्रखंड उपरघाट पेक हाई स्कूल में कक्षा 1 से +2 तक की पढ़ाई होती है। बच्चों की संख्या इस विद्यालय में 1200 के लगभग है।
जानकारी के अनुसार पेक हाई स्कूल में 35 से 40 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल काफी पुराना के साथ साथ काफी बड़ा भी है। अफसोस की बात यह है कि उक्त स्कूल में एक भी उर्दू शिक्षक नहीं है। न प्राइमरी में, न मिडिल में, न हाई स्कूल में और न ही +2 में उर्दू शिक्षक है। जबकि, उर्दू झारखंड राज्य की द्वितीय भाषा है।
बताया जाता है कि उक्त स्कूल के प्राइमरी सेक्शन में दिलनवाज शिक्षक थे जो त्याग पत्र देकर चले गए।
इसी तरह हाई स्कूल सेक्शन में इफ्तेखार आलम बतौर शिक्षक पदस्थापित किए गये थे, लेकिन बीते 4 वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। तब से विद्यालय में उर्दू पद की सभी सीटें खाली हैं। इस तरफ न तो सरकार द्वारा ध्यान दिया और न ही विभाग ने कोई तवज्जो दी। आखिर में पेक की जनता ने इस पर आवाज उठाई और डुमरी क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो से अपील की है कि जल्द से जल्द पेक हाई स्कूल में उर्दू शिक्षक की बहाली की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य बचाया जा सके।

ज्ञात हो कि, नावाडीह प्रखंड ऊपरघाट का पेक लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नाम से बदनाम रहा है, जिस के कारण आज यह क्षेत्र शिक्षा के मामले में काफी पीछे हो गया है। अब धीरे धीरे रहिवासियों में जागरूकता आई है और वे अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसी को देखते हुए पेक की जनता ने उर्दू और अन्य विषयों के पद को भरने की विधायक से गुहार लगाई है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद विधायक जयराम कुमार महतो ने फोन के माध्यम से जिला शिक्षा पदाधिकारी बोकारो से बात की और जल्द से जल्द उर्दू शिक्षक की बहाली पर कारवाई करने की मांग की, जिस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी हामी भरते हुए जल्द बहाल करने की उम्मीद दिलाई है।
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