Advertisement

मंत्री के हस्तक्षेप के बाद एसडीओ ने की सीसीएल प्रबंधन व् अवार्डी मजदूरों के साथ वार्ता

एस. पी. सक्सेना/ममता सिन्हा/बोकारो। झारखंड सरकार के पेय जलापूर्ति एवं मद्य निषेध मंत्री के हस्तक्षेप के बाद 19 अगस्त को बोकारो जिला के हद में तेनुघाट स्थित अनुमंडल कार्यालय में त्रिपक्षीया वार्ता की गयी। वार्ता में अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो के अलावा सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी पीओ, प्रबंधक एचआर तथा अवार्डी मजदूर के पैरोकार झामुमो नेता व् अन्य शामिल थे।

जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुवा ने स्वांग वाशरी के परियोजना पदाधिकारी (पीओ) बैकुंठ मोहन बाबू, प्रबंधक मानव संसाधन (एचआर) समीराज और झामुमो सह झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन नेता मुमताज आलम सहित मजदूरों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता को लेकर बैठक की गई। त्रिपक्षीय वार्ता में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा मद्द निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद के आप्त सचिव कपिल कुमार महतो मुख्य रूप से उपस्थित थे।

वार्ता के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी मछुवा ने उपस्थित सीसीएल अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई, उन्होंने अधिकारियों को मजदूरों के हितों से खिलवाड़ नहीं करने की नसीहत दी। अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि दो सप्ताह के अंदर स्वांग वाशरी के बूटकी बाई एवं अन्य मजदूरों का नियोजन संबंधि मुद्दे समाप्त नहीं हुआ और अन्य विधि व्यवस्था को लेकर कोई मामला आया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि हम सब के पूर्वज एक समय में गरीब किसान ही थे।

उन सबों की मेहनत का नतीजा है कि आज आप और हम इस कुर्सी पर बैठे है। गरीब मजदूरों का हक और अधिकार से खिलवाड़ नहीं करो। काफी दिनों से मजदूरों के नियोजन से संबंधित मामला लंबित है। उन्होंने अधिकारियों को मानवता की दुहाई दी। सीसीएल अधिकारी ने बताया कि बूटकी बाई एवं अन्य मजदूरों का नियोजन का प्रस्ताव सीसीएल मुख्यालय रांची भेज दिया गया है। संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि दो सप्ताह के अंदर निष्कर्ष हो जाना चाहिए।

बताते चले कि सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी के अवार्डी मजदूरों का नियोजन को लेकर सीसीएल और मजदूरों के बीच वर्ष 2009 से लड़ाई चली आ रही है। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाबजूद अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है। जबकि इस नियोजन में पूर्व में गड़बड़ी करने वाले दो ट्रेड यूनियन नेता को दो वर्ष की सजा भी हो चुकी है।

बताते चले कि वर्ष 2010 से सैकड़ो अवार्डी मजदूर अपने नियोजन की लड़ाई लड़ते रहे हैं। इस दौरान मजदूरों का प्रबंधन के साथ कई बार बैठक भी हुई और मजदूर हड़ताल पर भी बैठे, लेकिन सकारात्मक वार्ता आज तक नही हो पाया था। अनुमंडल पदाधिकारी के पहल से संलन्न उक्त बैठक से मजदूरों में नियोजन की आस जगी है।

इस बावत मजदूर नेता मुमताज आलम ने बताया कि वर्ष 2010 में स्थायी प्रकृति में कार्यरत मजदूरो के नियोजन का निर्देश केंद्रीय श्रम मंत्रालय से आया था। आलम ने बताया कि सीसीएल के सीएमडी द्वारा नियोजन नीति को लेकर बताया गया कि सही मजदूरों को नियोजन में रखा जाए। परन्तु तत्कालीन यूनियन के कुछ नेता और सीसीएल के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर फर्जी 71 मजदूर को नियोजन पर रख लिया गया था। उसके बाद मामला कोर्ट में गया, जहां फर्जी तरीके से बहाल तथाकथित मजदूरों को बर्खास्त कर दिया गया। साथ हीं पुनः सही मजदूरों को बहाल करने का निर्देश दिया गया।

तब से आज तक मामला सीसीएल कथारा क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा टाला जा रहा है। आलम ने बताया कि 182 मजदूरों का नियोजन होना है। यदि दो सप्ताह में नियोजित नहीं किया गया तो तमाम मजदूर भूख हड़ताल पर जाएंगे।
मौके पर लखींद्र नाग, महिला मजदूर बुटकी बाई, अशोक कुमार शर्मा, परशुराम महतो, जानकी महतो, जाकिर अंसारी, लकीराम महतो, नीलकंठ धोबी, कार्तिक भुईयां, कुंदन भुइयां, चंदन भुइयां, राजा भुइयां, अनिल भुइयां, सचिंद्र भुइयां, मुमताज अंसारी, बासुदेव महतो, गौतम भुइयां, हाशिम रजा, महेंद्र रजक, किट्टू रविदास, टेकलाल प्रजापति, कैला गंझु, अरबिंद सिन्हा, पीतांबर राम सहित दर्जनों मजदूर उपस्थित थे।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *