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पुलिस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह पर डीजीपी ने किया ध्वजारोहण

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित पुलिस मुख्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने 15 अगस्त को ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी।

इस अवसर पर डीजीपी गुप्ता ने कहा कि 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपस्थित पुलिसकर्मीगण एवं मेरे अन्य सहकर्मी प्रेस मीडिया के बन्धुओं तथा उपस्थित आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें एवं बधाइयाँ देता हूँ। कहा कि आज के दिन हमारे देश के उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूँ, जिनकी कुर्बानियों से हमें यह आजादी मिली है।

उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए वर्ष 2025 के माह-जनवरी से माह-जून तक (अर्धवार्षिक) राज्य में कुल 197 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 17 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। कहा कि इस वर्ष राज्य में नक्सल उन्मूलन अभियान में कुल 4 पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हो गये, जिसमें सीएआरपीएफ के अवर निरीक्षक सुनिल कुमार मंडल, सहायक अवर निरीक्षक सत्यवान कुमार सिंह, आरक्षी परनेश्वर कोच एवं झारखंड जगुआर के आरक्षी क्रमांक-361 सुनील धान शामिल हैं।

डीजीपी गुप्ता ने कहा कि संगठित आपराधिक गिरोह के कुल 12 अपराधियों एवं प्रतिबंधित आतंकी संगठन एचयुटी (एचआईजेबी युटी- ताहिरीर) के 5 सक्रिय क्रियावादियों को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया। इस वर्ष के माह-जनवरी से जून तक (अर्धवार्षिक) अवैध मादक पदार्थ के प्रयोग/व्यापार में संलिप्त कुल-484 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा विभिन्न प्रकार के अवैध मादक पदार्थों को भी जप्त किया गया, जिसका कुल अनुमानित मुल्य लगभग-34.09 करोड़ रूपया है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 27000 (सताईस हजार) एकड़ भूमि मे लगे अफीम की फसल को विनिष्ट किया गया। माह-जनवरी से जून तक साईबर अपराध में संलिप्त कुल 700 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा 50 लाख से अधिक रूपये के साथ कई अवैध वस्तुएँ जप्त की गई। इसके अतिरिक्त प्रतिबिंब ऐप का सार्थक प्रयोग करते हुए कुल 474 साईबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही साईबर हेल्पलाईन नंबर डायल-1930 के माध्यम से साईबर अपराध से संबंधित लगभग 16 करोड़ रूपये फीज तथा न्यायालय के आदेशानुसार पीड़ितों के खाता में लगभग 80 लाख रूपये वापस कराये गये।

उन्होंने बताया कि आम जनता से बेहतर समन्वय स्थापित करने एवं समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय स्तर से एवं राज्य के सभी जिलों में बीते 22 जनवरी एवं 16 अप्रैल को जन शिकायत समाधान कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस क्रम में कुल 4000 से अधिक शिकायते प्राप्त हुई, जिसमें लगभग 3500 शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। कहा कि जन शिकायत समाधान कार्यक्रम की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखंड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से कुल 622 लाभान्वितों को 15 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया। साथ ही कुल 108 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति दी गई।

कुल 64 पुलिस निरीक्षक को पुलिस उपाधीक्षक की कोटी में, 9 सहायक अवर निरीक्षक को पुलिस अवर निरीक्षक कोटी में, झा. स. पु. संवर्ग के 91 अवर निरीक्षक (स) को निरीक्षक (स) की कोटी में, 11 निरीक्षक (स) को प्रमुख निरीक्षक (स) में, 257 हवलदारों को अवर निरीक्षक (स) की कोटी में तथा 52 आशु सहायक निरीक्षक को आशु अवर निरीक्षक की कोटी में प्रोन्नती प्रदान की गई है। इसके अलावे 2101 पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारियों को एसीपी/एमएसीपी का लाभ प्रदान किया गया। साथ ही 23 सेवानिवृत्त प्रा. अ. नि. एवं एक सेवानिवृत प्रा. नि. को एमएसीपी का लाभ प्रदान किया गया।

महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य में महिला के सुरक्षा हेतु सभी जिलों में महिला हेल्प डेस्क खोला गया है। साथ ही महिला हेल्पलाइन नम्बर/पुलिस कंट्रोल रूम नम्बर को सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि पुलिस अल्प सूचना पर ही महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध करा सके। साथ ही सभी जिलों में महिला थाना भी संचालित है एवं महिला सुरक्षा हेतु महिला शक्ति कमांडो का गठन किया गया है। कहा कि हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने देश को स्वच्छ, सुरक्षित, शिक्षित और समृद्ध बनायेंगे तथा झारखंड को अपराध/नक्सल मुक्त राज्य बनाने की ओर अपना अहम योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।

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