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सर्व सेवा संघ राष्ट्रीय कार्यसमिति की 8 व् 9 अगस्त को रांची में बैठक को लेकर चर्चा

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सर्व सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक 8 व् 9 अगस्त को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित किया गया है। उक्त बैठक में बोकारो के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।

उक्त जानकारी अखिल भारतीय सर्व सेवा संघ बोकारो जिला मंत्री महावीर कुमार ने 7 अगस्त को दी। उन्होंने बताया कि संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की दो दिवसीय बैठक 8-9 अगस्त को झारखंड की राजधानी रांची में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य पटनायक की अध्यक्षता में होने जा रही है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए प्रबंधक ट्रस्टी महादेव भाई विद्रोही, विभिन्न राज्यों से सर्वोदय मंडलों के अध्यक्ष, सेवाग्राम आश्रम के अध्यक्ष आबा कांबले, खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं हरिजन सेवक संघ के वर्तमान उपाध्यक्ष लक्ष्मी दास, मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार रामावतार गुप्त, वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनोज कुमार, आदिवासियों के संगठन एवं उनके अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अन्य कई गणमान्य विशेष रूप से आमंत्रित हैं।

आयोजित बैठक में बोकारो से संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनोज भारतीय, जिलाध्यक्ष अदीप कुमार, मंत्री महावीर कुमार, लोकसेवक प्रीति रंजन व अमृत बाउरी शिरकत करेंगे। संघ के प्रबंध ट्रस्टी महादेव भाई ने कहा कि आज से लगभग एक सौ वर्ष पहले 8-9 अगस्त को ही महान स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी रांची पधारे थे। उसी के शताब्दी वर्ष के रूप में यह कार्यक्रम विशेष रूप से आयोजित है।

कहा कि आचार्य विनोबा भावे के आह्वान पर देशभर से विशेषजनों ने लगभग 48 लाख एकड़ जमीन दान में दी थी, जिनमें से लगभग 15 लाख एकड़ झारखंड से भी प्राप्त हुआ था। कहा कि चिंता का विषय यह है कि भू-दान आंदोलन के 74 वर्ष बाद भी आज तक झारखंड में 11 लाख एकड़ भू-दान किए गये भूमि का वितरण बाकी है। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर भू-दान भूमि के खरीद फरोख्त हो रहे हैं।

तेलंगाना में तो आईएएस, आईपीएस सहित अनेक उच्च पदाधिकारियों ने अवैध रूप से भू-दान की जमीन हस्तगत कर लिए हैं। शुक्र है कि इन अधिकारियों के विरुद्ध केस दायर किए गए हैं। कमोबेश यही हाल सभी राज्यों के हैं। उन्होंने बताया कि असम में तो वहां के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने भू-दान अधिनियम को ही समाप्त कर दिया है।

 

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