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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का किया शुभारंभ

नवकक्ष में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष का किया गया प्रतिस्थापन

गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 जुलाई को वैशाली में निर्मित ऐतिहासिक बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिंह और सम्राट चौधरी के साथ ही बिहार सरकार के अन्य मंत्री गण भी उपस्थित रहे।

बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय शुभारंभ के मौके पर विदेशी बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मंत्रोच्चारण और वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से पुरा कार्यक्रम स्थल परिसर गूंज उठा। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 29 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे वैशाली पहुंचे। वे सीधे बद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय परिसर में बने गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां लगे ई-रिक्शा से बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप परिसर में आयोजित उद्घाटन स्थल पर पहुँचे।

मुख्यमंत्री का स्वागत बौद्ध परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। बौद्ध भिक्षुओं ने पुष्प वर्षा और जयकारों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री द्वारा स्तूप का फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा संग्रहालय परिसर स्थित बौद्ध स्तूप के ऊपरी तल के मुख्य हाल पर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बुद्ध के पावन बुद्ध प्रतिमा को नजदीक से देखा व भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के अधिष्ठापन कार्य एवं पूजा समारोह में शामिल हुए। मंत्र उच्चारण के बीच प्रमुख बौद्ध भिक्षु द्वारा भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष का नवकक्ष में श्रद्धा पूर्वक प्रतिस्थापन किया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश लगभग 15 मिनट तक स्तूप के ऊपरी तल पर ठहरकर एक-एक अवयव का बारीकी से अवलोकन करते रहे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री स्तूप के भीतर स्थित बुद्ध प्रतिमा का दर्शन कर सभी के सुख शांति हेतु प्रार्थना की और परिसर में पवित्र बोधि वृक्ष के शिशु पौधे का वृक्षारोपण किया।

कार्यक्रम में थाईलैंड, जापान, वियतनाम, कंबोडिया जैसे देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। थाईलैंड मंदिर के प्रधान पुजारी डॉ पीसी चंद्रश्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व् विजय कुमार सिन्हा और मंत्री विजय चौधरी को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, महाबोधि मंदिर बोधगया के प्रधान पुजारी चलीनदा भंतै, भिक्षु दीनानाथ सहित अन्य बौद्ध शिक्षकों एवं धर्माचार्यों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

ज्ञात हो कि, यह नव निर्मित संग्रहालय न केवल वैशाली की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को सशक्त करता है, बल्कि भारत की बौद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उपरोक्त कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व् उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, ऊर्जा सह याेजना विकास मंत्री सह प्रभारी मंत्री वैशाली विजेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री मोतीलाल प्रसाद, वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल, जदयू बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बिहार संग्रहालय महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सह भवन निर्माण सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव कला संस्कृति एवं युवा विभाग प्रणव कुमार, निदेशक संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय कला संस्कृति एवं युवा विभाग रचना पाटिल, आदि।

तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त राजकुमार,अपर सचिव जल संसाधन विभाग यशपाल मीणा, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक वैशाली ललित मोहन शर्मा, बोधगया मंदिर प्रबंध समिति सदस्य सचिव बौद्ध भिक्षु महाश्वेता महारथी के अलावा बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु व गणमान्य उपस्थित थे।

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