आयुक्त, महापौर, उपमहापौर को मतलब नहीं, क्या जिलाधिकारी ध्यान देंगे-सुरेंद्र
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। वर्षा का जल जमाव समस्तीपुर जिला मुख्यालय के विवेक-विहार मुहल्ला की सड़क पर आमजनों के लिए अब जानलेवा साबित हो रहा है। शहर की सड़को के किनारे नाली का टूटा स्लैब दिखाई नहीं देने से नाले में गिरकर स्कूली छात्र, रोगी, फल भेंडर समेत 5 राहगीर घायल हो गये। स्थानीय रहिवासी, दुकानदार आदि के सहयोग से नाले में गिरे घायलों को बाहर निकाले जाने की बात बताई गई है।
ज्ञात हो कि, समस्तीपुर शहर के विवेक-विहार मुहल्ला निर्माण के 5-6 साल बाद भी नाले का उड़ाही नहीं किया गया है। नाला गंदगी से पूरी तरह भरा पड़ा है। नाले का तीन-चार स्थानों पर स्लैब टूट गया है। बताया जाता है कि 28 जुलाई को वर्षा बाद सड़क पर घुटना भर पानी लग गया। इसके कारण राहगीरों को टूटा स्लैब दिखाई नहीं दिया और एक बाद एक 5 से अधिक राहगीर नाले में गिरते चले गये। हालांकि स्थानीय रहिवासियों, भाकपा माले कार्यकर्ता, दुकानदार आदि ने सहयोग कर नाली में गिरे घायलों को बाहर निकाला। उनके बिखरे सामानों को ईकट्ठा कर उन्हें सौंपा। बताया जाता है कि भाकपा माले कार्यकर्ताओं द्वारा पुर्व में उक्त टूटा स्लैब में लकड़ी एवं झंडे लगा दिए गये थे, लेकिन वाहनों की आवाजाही के कारण लकड़ी उखड़ता रहा।

इस बाबत स्थानीय नागरिक सह भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि वार्ड पार्षद, आयुक्त, महापौर, उप महापौर आदि को टूटे स्लैब, टूटे एवं गंदगी से भरे नाला, टूटे सड़क आदि की जानकारी बार दी जा चुकी है। समस्याएं मीडिया में प्रमुखता से छापा भी गया है। आयुक्त, महापौर का बयान भी छपा लेकिन टूटे स्लैब, नाला, सड़क आदि को ठीक नहीं किया गया जो खेदजनक है। माले नेता ने कहा कि नगर निगम के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों को सिर्फ विकास योजनाओं में लूट-हिस्सेदारी से मतलब है, कार्यों को कराने में नहीं। उन्होंने कहा कि नक्कारा नगर निगम को जनता ने सही नामाकरण समस्तीपुर नरक निगम रखा है।
माले नेता सिंह ने कहा कि यदि टूटे स्लैब, नाले, सड़क आदि को अविलंब ठीक नहीं किया गया तो स्थानीय रहिवासियों के साथ मिलकर भाकपा माले नगर निगम आयुक्त, महापौर एवं उप महापौर का पूतला दहन आंदोलन शुरू करेगी।
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