Advertisement

पहलेजाधाम से 50 हजार से अधिक कांवरियों का जत्था गरीबनाथ के लिए रवाना

बाबा हरिहरनाथ के जयकारे से गूंज उठा मंदिर परिसर

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रावणी मेला के अवसर पर 26 जुलाई को 50 हजार से अधिक कांवरियों ने सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित पहलेजा धाम में पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगायी। तीर्थ पुरोहितों से संकल्प कराकर कांवर में जल उठाकर बाबा गरीबनाथ की यात्रा प्रारंभ की।

बताया जाता है कि 26 जुलाई को दिन भर निचली पहलेजा-हरिहरनाथ पथ पर कांवरियों का चलना जारी रहा। बोल बम के नारों से सम्पूर्ण कांवरिया पथ गुंजायमान रहा। इस दौरान कांवरियों ने बाबा हरिहरनाथ का दर्शन-पूजन भी किया। जबकि, संध्याकालीन बेला में भक्तों ने बाबा हरिहरनाथ की आरती में भाग लेकर भव्य श्रृंगार दर्शन का लाभ भी उठाया।

डाक बम कांवरियों के स्वागत की तैयारी में पहलेजा धाम

बताया जाता है कि श्रावण माह के तीसरे सोमवार 28 जुलाई को मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करने के लिए 27 जुलाई को पहलेजा धाम में कांवरियों की भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सोनपुर अनुमंडल प्रशासन सतर्क है। घाट पर एसडीआरएफ की टीम भी बोट के साथ तैनात है। इस अवसर पर यहां लगाये गये पर्यटन विभाग का पंडाल कांवरियों के लिए इस वर्ष राहत देने वाला सिद्ध हुआ। स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम भी कार्यरत है। गंगा माता द्वार के समीप निरंतर कंट्रोल रूम काम कर रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा पहलेजा धाम घाट से बजरंग चौक एन एच-19 से न्यू गंडक पुल तक दाएं लेन को कांवरियों के आवागमन के लिए सुरक्षित घोषित है। जगह -जगह सेवा शिविर कार्यरत हैं।पिछले रविवार (20 जुलाई) से भी इस बार अधिक भीड़ होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

कांवरियों ने की बाबा हरिहरनाथ में देवी -देवताओं की पूजा

सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर में 26 जुलाई को कांवरियों ने माता दुर्गा, महा लक्ष्मी, सरस्वती, श्रीगजेन्द्र मोक्ष भगवान एवं गज ग्राह, विघ्नहर्ता गणेश , बजरंग बली एवं मां पार्वती एवं नवग्रह देवताओं, ग्रहों के राजा सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु की पूजा की।

शनिदेव धर्म के अधिकारी न्यायकर्ता देव-मौनी बाबा

सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ से सटे लोकसेवा आश्रम में स्थित शनि मंदिर में कांवरिया भक्तों सहित पूजा करनेवालों की भीड़ लगी रही। शिव भक्तों ने संध्याकालीन आरती में भाग लिया। खिचड़ी का प्रसाद पाया। भगवान शनि को तिल तेल समर्पित किया गया। महिलाओं ने दीप भी प्रज्वलित किया। आश्रम के संत विष्णु दास उदासीन मौनी बाबा ने इस अवसर पर भक्तों को कहा कि शनि देव न्यायाधीश है, जो हमेशा कर्मों के आधार पर ही व्यक्ति को फल प्रदान करते हैं।

वे पंच परमेश्वर हैं। वे एक ऐसे न्यायाधीश हैं जो गवाहों का इंतजार नहीं करते, बल्कि स्वयं व्यक्ति के कर्मों का हिसाब देखकर, गिनकर अपने पास रखते हैं। कर्मों के हिसाब से ही वे जीव के लिए दंड या फल का विधान करते हैं। कहा कि जिस तरह भगवान शिव क्रोधित होते हैं। तुरंत दया और कृपा भी कर देते हैं। उसी तरह शनि देव भी दयालु हैं और तुरंत फलदाता भी हैं।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *