एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की तार झारखंड से जुड़ने से झारखंड कलंकित हुआ है और झारखंडी समाज शर्मशार हुआ है।
उपरोक्त बातें 26 अप्रैल को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने केंद्रीय एजेंसियां एटीएस द्वारा झारखंड के धनबाद में सघन छापेमारी के दौरान चर्चित वासेपुर स्थित शमशेर नगर में एटीएस की टीम ने पति-पत्नी समेत 6 को हिरासत में लेकर गिरफ्तारी किये जाने पर प्रतिक्रिया में कही।
उन्होंने राज्य सरकार पर जोरदार बड़ा हमला करते हुए कहा कि आज झारखंड में बड़ी संख्या मे आतंकी संगठन ने अपना स्लीपर सेल का जाल बिछा दिया है। आज स्थिति इतनी भयावह हो गया है कि केंद्रीय जांच एजेंसी आतंकी घटना के बाद पहला निशाना झारखंड के रांची, लोहरदगा, जमशेदपुर, कोडरमा को ही निशाना पर रखती है और जांच में इसके सार्थक परिणाम भी आते रहे है।
नायक ने कहा कि आज आतंकी संगठनो का साफ्ट कार्नर झारखंड बनता जा रहा है। आतंकी संगठन सिमी के कुछ स्लीपर सेल यहां काफी सक्रिय सदस्य पूर्व सेे रहे है। झारखंड के साहेबगंज, पाकुड़, दुमका जिला मे इनका मुखिया सक्रिय है। कहा कि झारखंड के अधिकांश स्लीपर सेल आतंकी संगठन के लिए मोटी रकम इकट्ठा कर देश मे खुनी विध्वंस की घटना मे अपनी सहभागिता निभाते है।झारखंड, बिहार में जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल से लगे बंग्लादेश के आतंकी संगठन ने पैठ बना ली है।
झारखंड मे अवैध बंग्लादेश के रहिवासियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार इन विषयो पर गंभीरता दिखाए, नही तो झारखंड के लिए यह शुभ संकेत नही है। नायक ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबु लाल मरांडी और भाजपायियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हे सिर्फ झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठिए नजर आते है, जबकि भाजपा की गुजरात सरकार में आज सुरत, अहमदाबाद मे लगभग 500 से अधिक बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया गया जो उन्हे दिखाई नही दे रहा है। उन्हे तो बस झारखंड ही नजर आ रहा है और सब दोष ननदु घोष की कहावत को चरितार्थ कर रहे है।
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